नई दिल्ली। मिडिल-ईस्ट में लगातार बढ़ते तनाव और होमुर्ज जलडमरू पर सैन्य कब्जा के कारण मध्यपूर्व से होने वाले क्रूड आयल की सप्लाई प्रभावित हुई है। गौरतलब हो कि दुनिया की 40 प्रतिशत से अधिक कच्चे तेल और एलएनजी की सप्लाई इसी क्षेत्र से होती है जो कि अब प्रभावित हो रही है। लिहाजा इसका असर भारत में एलपीजी गैस के दामों में साफ तौर पर दिखाई देने लगें हैं। तत्काल प्रभाव से भारत सरकार ने घरेलू और कामर्शियल गैस सिलेंडरों के दामों में वृद्धि की है।
मध्य-पूर्व में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के बीच भारत में एलपीजी गैस सिलेंडर की कीमतों में बढ़ोतरी कर दी गई है। घरेलू और कमर्शियल दोनों श्रेणी के सिलेंडरों के दाम बढ़े हैं और नई कीमतें तत्काल प्रभाव से लागू कर दी गई हैं।
सूत्रों के अनुसार 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत में 60 रुपये की वृद्धि की गई है। इसके बाद दिल्ली में घरेलू सिलेंडर का दाम 853 रुपये से बढ़कर 913 रुपये हो गया है। वहीं 19 किलोग्राम के कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमत में भी 115 रुपये की बढ़ोतरी की गई है। अब दिल्ली में इसकी कीमत 1883 रुपये और मुंबई में 1835 रुपये हो गई है। मध्य-पूर्व में बढ़ते युद्ध के हालात को देखते हुए भारत सरकार ने सभी सरकारी और निजी एलपीजी रिफाइनरियों को उत्पादन बढ़ाने का निर्देश दिया है, ताकि आपूर्ति प्रभावित न हो।
केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा है कि क्षेत्र में अस्थिरता के बावजूद भारत में ऊर्जा की कोई कमी नहीं है और देश के पास क्रूड ऑयल, पेट्रोल, डीजल और एलपीजी का पर्याप्त भंडार मौजूद है। हालांकि, युद्ध के बाद ईरान द्वारा स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से जहाजों की आवाजाही रोकने की खबरों के चलते कच्चे तेल की आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है, जिस पर सरकार लगातार नजर बनाए हुए है।
ईरान-इजराइल तनाव के बीच महंगा हुआ एलपीजी, घरेलू सिलेंडर 60 और कमर्शियल 115 रुपए बढ़ा


