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स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़ पार कर सुरक्षित निकला ‘MT Sarva Shakti’ टैंकर, 46,313 टन गैस लेकर पहुंचेगा मंगलौर

दिल्ली। मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच भारत के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। 46,313 मीट्रिक टन एलपीजी लेकर ‘MT Sarva Shakti’ नाम का टैंकर 8 मई को मंगलौर पोर्ट पहुंचने वाला है। पेट्रोलियम मंत्रालय के मुताबिक यह टैंकर भारत के पश्चिमी तट के पास सुरक्षित पहुंच चुका है और अगले 48 घंटों में डॉकिंग की प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी।

बता दें यह टैंकर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़ पार करके भारत पहुंचने वाला नौवां एलपीजी शिप है। इस जहाज पर 18 भारतीय नाविक समेत कुल 20 क्रू मेंबर मौजूद हैं। पहले इसे विशाखापत्तनम पहुंचना था, लेकिन अब इसे डायवर्ट कर मंगलौर भेजा गया है, ताकि पश्चिमी भारत में सप्लाई को तेजी से मजबूत किया जा सके।

आयात में गिरावट, अब रिकवरी मोड

Petroleum Planning and Analysis Cell (PPAC) की रिपोर्ट के अनुसार, मार्च 2026 में एलपीजी आयात में 51% की गिरावट दर्ज की गई। फरवरी में जहां 17 लाख मीट्रिक टन एलपीजी आयात हुआ था, वहीं मार्च में यह घटकर 8.26 लाख मीट्रिक टन रह गया। भारत अपनी कुल जरूरत का करीब 60% एलपीजी आयात करता है, जिसमें से 90% सप्लाई इसी रूट से आती है।

सूत्रों के मुताबिक, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़ में जारी तनाव के चलते अब भी 13 भारतीय जहाज फंसे हुए हैं, जिनमें ऑयल और एलपीजी टैंकर शामिल हैं। एक्सपर्ट्स के मुताबिक, यह रूट ग्लोबल एनर्जी सप्लाई के लिए बेहद क्रिटिकल है, इसलिए यहां का कोई भी व्यवधान सीधे भारत जैसे आयात-निर्भर देशों को प्रभावित करता है।

सरकार का नया स्ट्रैटेजिक प्लान

वहीं स्थिति से निपटने के लिए सरकार ने एलपीजी सप्लाई को लेकर मल्टी-सोर्स स्ट्रैटेजी अपनाई है। अब सिर्फ मिडिल ईस्ट पर निर्भरता कम कर अन्य देशों से भी गैस मंगाई जा रही है। इसके साथ ही ऑनलाइन LPG बुकिंग में 99% की उछाल देखने को मिली है। DAC (Delivery Authentication Code) सिस्टम से डिलीवरी में 94% बढ़ोतरी हुई है। इस संकट में सरकार घरेलू उपयोग को प्राथमिकता दे रही है।

फिलहाल सरकार का दावा है कि देश में एलपीजी की कोई कमी नहीं होने दी जाएगी। सप्लाई चेन को स्टेबल रखने के लिए लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है। हालांकि, अगर जियो-पॉलिटिकल तनाव लंबा खिंचता है तो कीमतों और डिलीवरी टाइम पर असर पड़ सकता है।

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