पश्चिम एशिया में बढ़ा तनाव
तेहरान/तेल अवीव/वॉशिंगटन। पश्चिम एशिया में एक बार फिर तनाव बढ़ गया है। ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट को दोबारा बंद करने की घोषणा की है। ईरान की संयुक्त सैन्य कमान ने सरकारी टेलीविजन पर कहा कि लेबनान में जारी इजराइली सैन्य हमलों के विरोध में यह कदम उठाया गया है।
गौरतलब है कि 17 जून को अमेरिका और ईरान के बीच हुए शांति समझौते में होर्मुज स्ट्रेट को खोलने और लेबनान में सैन्य कार्रवाई रोकने पर सहमति बनी थी। हालांकि समझौते के बाद भी इजराइल ने लेबनान में हमले जारी रखे, जिससे हालात फिर बिगड़ गए।
रिपोर्टों के अनुसार, 19 जून को घोषित युद्धविराम (सीजफायर) के महज 8 घंटे बाद ही इजराइल और लेबनान के बीच संघर्ष दोबारा शुरू हो गया। दक्षिणी लेबनान के नबातियेह क्षेत्र में इजराइली ड्रोन और तोपखाने के हमलों में कई लोगों की मौत हुई। इसके बाद ईरान ने रणनीतिक महत्व वाले होर्मुज स्ट्रेट को बंद करने का फैसला लिया।
इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा है कि देश अपनी सुरक्षा के साथ कोई समझौता नहीं करेगा और गाजा तथा लेबनान में सैन्य अभियान जारी रहेगा।
पिछले 24 घंटे के प्रमुख घटनाक्रम
- अमेरिका और ईरान के बीच स्विट्जरलैंड में प्रस्तावित औपचारिक वार्ता फिलहाल टाल दी गई।
- लेबनान में इजराइली हवाई हमलों में दर्जनों लोगों की मौत और कई घायल हुए।
- अमेरिका-ईरान समझौते के बाद होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों की आवाजाही बढ़ी थी, लेकिन नए फैसले से वैश्विक व्यापार प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है।
- अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा कि ईरान को अमेरिकी सहायता नहीं मिलेगी और बातचीत उसकी पहल पर हो रही है।
- पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने क्षेत्रीय शांति और कूटनीतिक समाधान पर चर्चा की।
विशेषज्ञों का मानना है कि होर्मुज स्ट्रेट बंद होने से वैश्विक तेल बाजार और समुद्री व्यापार पर व्यापक असर पड़ सकता है, क्योंकि दुनिया के बड़े हिस्से का कच्चा तेल इसी मार्ग से होकर गुजरता है।

