तेहरान। ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के निधन के कई महीनों बाद उनके अंतिम संस्कार की औपचारिक प्रक्रिया शुरू हो गई है। राजधानी तेहरान में उनके जनाजे में बड़ी संख्या में लोग शामिल हो रहे हैं। ईरान सरकार के अनुसार, अंतिम विदाई समारोह कई दिनों तक चलेगा और इसमें देश-विदेश के वरिष्ठ नेता, धार्मिक प्रतिनिधि तथा लाखों श्रद्धालुओं के शामिल होने की उम्मीद है।
सरकारी जानकारी के मुताबिक, अयातुल्ला अली खामेनेई का निधन 28 फरवरी को अमेरिका और इस्राइल के साथ संघर्ष के दौरान हुआ था। सुरक्षा परिस्थितियों के कारण अंतिम संस्कार कार्यक्रम को पहले स्थगित कर दिया गया था। अब हालात सामान्य होने के बाद जनाजे और दफन की रस्में शुरू की गई हैं।
भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने दी श्रद्धांजलि
ईरान स्थित भारतीय धार्मिक और राजनीतिक प्रतिनिधिमंडल ने अयातुल्ला अली खामेनेई को श्रद्धांजलि अर्पित की। ईरान के भारत स्थित दूतावास के अनुसार, प्रतिनिधिमंडल में पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती, कांग्रेस नेता सलमान खुर्शीद सहित कई प्रमुख हस्तियां शामिल रहीं।
इसके अलावा भारत सरकार का आधिकारिक प्रतिनिधिमंडल भी तेहरान पहुंचा, जिसमें विदेश राज्य मंत्री पबित्रा मार्गेरिटा और बिहार के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) सैयद अता हसनैन शामिल हैं।
तेहरान से नजफ, कर्बला और मशहद तक जाएगा जनाजा
तेहरान में सार्वजनिक श्रद्धांजलि के बाद अयातुल्ला खामेनेई के जनाजे को इराक के पवित्र शहर नजफ और कर्बला ले जाया जाएगा। इसके बाद 9 जुलाई को ईरान के उत्तर-पूर्वी शहर मशहद स्थित इमाम रजा दरगाह परिसर में उन्हें सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा। मशहद अयातुल्ला खामेनेई का जन्मस्थान भी है।
युद्धविराम के बीच आयोजित हो रहे हैं समारोह
अंतिम संस्कार ऐसे समय आयोजित किए जा रहे हैं, जब ईरान और अमेरिका के बीच संघर्ष विराम लागू है। दोनों देशों के बीच हाल ही में एक फ्रेमवर्क समझौते के बाद अस्थायी युद्धविराम प्रभावी हुआ है।
जनाजे में राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन, संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाकेर गालिबाफ, विदेश मंत्री अब्बास अराघची, मुख्य न्यायाधीश घोलामहोसैन मोहसनी एजेई, सैन्य कमांडर मोहनस रेजाई समेत ईरान के शीर्ष अधिकारी मौजूद रहे।
दुनियाभर के नेताओं की मौजूदगी
ईरान के सरकारी मीडिया के अनुसार, जॉर्जिया, इराक और ताजिकिस्तान के राष्ट्रपतियों सहित कई देशों के प्रतिनिधिमंडल अंतिम संस्कार में शामिल हुए। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री और सेना प्रमुख के अलावा चीन, रूस, बेलारूस, ओमान तथा हिजबुल्ला समेत कई संगठनों के प्रतिनिधियों ने भी श्रद्धांजलि अर्पित की।
सुरक्षा कारणों से अयातुल्ला खामेनेई के पुत्र मोजतबा खामेनेई सार्वजनिक कार्यक्रम में शामिल नहीं होंगे। ईरान सरकार और सैन्य नेतृत्व ने समारोह के दौरान किसी भी सुरक्षा चुनौती का कड़ा जवाब देने की चेतावनी दी है।

