नई दिल्ली: अगर आप फ्लाइट से सफर करने की तैयारी कर रहे हैं, तो ये खबर आपके लिए जरूरी है। देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो ने यात्रियों को बड़ा झटका दिया है। एयरलाइन ने घरेलू और इंटरनेशनल उड़ानों पर फ्यूल सरचार्ज बढ़ाने का ऐलान किया है। एयरलाइन ने घरेलू उड़ानों पर 1,300 रुपए तक, जबकि इंटरनेशनल फ्लाइट्स पर 10 हजार रुपए तक अतिरिक्त फ्यूल चार्ज लगाने का फैसला किया है।
नई दरें 6 अक्टूबर की रात 12 बजकर 1 मिनट से लागू होंगी।
इंडिगो के मुताबिक, फ्यूल सरचार्ज बढ़ाने का फैसला एविएशन टर्बाइन फ्यूल यानी ATF की बढ़ती कीमतों को देखते हुए लिया गया है। ATF एयरलाइंस की ऑपरेशनल लागत का एक बड़ा हिस्सा है और इसकी कीमत बढ़ने का सीधा असर टिकट के किराए पर पड़ता है।
जेट फ्यूल के दाम 14% से ज्यादा बढ़ चुके
कंपनी ने किराया बढ़ाने का फैसला हवाई जहाजों में इस्तेमाल होने वाला फ्यूल महंगा होने की वजह से लिया है। इंडिगो के अनुसार, पिछले एक ही महीने में जेट फ्यूल के दाम 14% से ज्यादा बढ़ चुके हैं। इसके चलते प्लेन में डलने वाला तेल अब पिछले 10 सालों में सबसे ज्यादा महंगा हो गया है।
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तेल की कीमतों में आए बदलाव ने बजट को बिगाड़ा
जेट फ्यूल की कीमतें बढ़ने के चलते दुनियाभर की एयरलाइंस ने न सिर्फ टिकट के दाम बढ़ा दिए हैं, बल्कि अपने भविष्य के वित्तीय अनुमानों यानी फाइनेंशियल आउटलुक को भी वापस लिया है। एयरलाइंस के लिए जेट-फ्यूल सबसे बड़ा खर्च होता है। कुल ऑपरेटिंग खर्च में इसकी हिस्सेदारी 30% से 40% होती है।
तेल की कीमतों में आए इस अचानक बदलाव ने एयरलाइंस के बजट को बिगाड़ दिया है। एयर न्यूजीलैंड और क्वांटास जैसी बड़ी कंपनियों ने भी साफ कर दिया है कि वे बढ़े हुए खर्च का बोझ यात्रियों पर डालेंगे।
रॉयटर्स के मुताबिक एयरलाइंस के ऑपरेटिंग खर्च में जेट फ्यूल का हिस्सा 40% तक होता है और कीमतों में भारी उतार-चढ़ाव से उनके मुनाफे पर असर पड़ सकता है। इंडिगो को पहली तिमाही में 3.82 अरब रुपये का नुकसान हुआ। कंपनी ने मई में कहा था कि वह मार्जिन को सुरक्षित रखने के लिए फ्यूल की कीमतों की हेजिंग पर विचार करेगी।

