वॉशिंगटन: अमेरिका में करीब 17 साल पुराने Fort Hood गोलीबारी मामले में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। 13 लोगों की जान लेने वाले पूर्व अमेरिकी सेना अधिकारी निदाल मलिक हसन की मौत की सजा को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंजूरी दे दी है। हसन को Firing Squad के जरिए मृत्युदंड दिए जाने की तैयारी है। हालांकि सजा कब और कहां दी जाएगी, इसकी प्रक्रिया अभी पूरी होनी बाकी है।
नवंबर 2009 में टेक्सास के Fort Hood सैन्य ठिकाने पर हुई गोलीबारी में 13 लोगों की मौत हुई थी, जबकि 30 से ज्यादा लोग घायल हुए थे। हसन उस समय US Army में Major और सैन्य मनोचिकित्सक था। बाद में Military Court ने उसे दोषी ठहराते हुए मौत की सजा सुनाई थी।
छह दशक से ज्यादा समय बाद Military Execution की तैयारी
रिपोर्ट्स के मुताबिक, Defense Secretary Pete Hegseth की सिफारिश के बाद राष्ट्रपति ट्रंप ने सजा को मंजूरी दी। अब US Army के संबंधित अधिकारी सजा की तारीख, स्थान और इससे जुड़ी दूसरी प्रक्रियाओं पर आगे फैसला करेंगे।
यह मामला इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि अमेरिकी सेना ने 1961 के बाद किसी दोषी की मौत की सजा लागू नहीं की है। अगर हसन को सभी कानूनी प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद मृत्युदंड दिया जाता है, तो यह छह दशक से ज्यादा समय में पहली अमेरिकी Military Execution होगी।
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अभी बाकी हैं कानूनी विकल्प
राष्ट्रपति की मंजूरी का मतलब यह नहीं है कि हसन को तुरंत मृत्युदंड दे दिया जाएगा। उसके पास अभी भी फेडरल कोर्ट में अपील समेत कई कानूनी विकल्प मौजूद हैं। इन सभी कानूनी प्रक्रियाओं के पूरा होने के बाद ही फांसी को लेकर अंतिम फैसला होगा।इस फैसले के बाद अमेरिका में एक बार फिर डेथ पेनल्टी और मिलिट्री जस्टिस सिस्टम को लेकर बहस तेज होने की उम्मीद है।

