भोपाल: कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने प्रदेश की मोहन सरकार की प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं। पटवारी ने कहा कि जिस सरकार की प्रदेश के पटवारी नहीं सुनते वह खटारा नहीं तो क्या है। इससे प्रदेश की सरकार और प्रशासन के बीच समन्वय पर सवाल खड़े होते हैं। पटवारी ने सरकार की अगले एक साल में युवाओं को रोजगार दिए जाने के ऐलान पर भी सवाल खड़ा किया।
उन्होंने कहा कि सरकार पहले ढाई लाख और 5 लाख रोजगार की बात कर चुकी है और अब एक लाख रोजगार देने की बात कर रही है। सरकार को बताना चाहिए कि एक लाख नौकरियां किस विभाग में और कितने पदों पर होंगी और इसकी समयसीमा क्या होगी। कांग्रेस ने जुबिन नोटियाल के कार्यक्रम में युवती पर पुलिस कार्रवाई का मुद्दा उठाते हुए पुलिस अधिकारी पर कार्रवाई किए जाने की मांग की है।
घोषणाओं पर सवाल उठाए
जीतू पटवारी ने यूथ कॉन्क्लेव में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा की गई घोषणाओं पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि सीएम ने अब साल में दो बार पीएससी की परीक्षा कराने का ऐलान किया है, लेकिन दो बार परीक्षा कराने से ज्यादा जरूरी यह है कि प्रदेश में कितने पदों पर भर्ती होने जा रही है और इसकी प्रक्रिया कब तक पूरी हो जाएगी।
प्रदेश में टीचर्स के पद खाली
पटवारी ने आरोप लगाया कि प्रदेश में सरकारी स्कूल-कॉलेजों में ही बड़ी संख्या में टीचर्स के पद खाली पड़े हैं. अपनी मांगों को लेकर टीचर्स को आंदोलन करना पड़ रहा है। यही स्थिति विश्वविद्यालयों की भी है। प्रदेश की सरकारी यूनिवर्सिटी में बड़ी संख्या में पद खाली पड़े हैं। पटवारी ने कहा कि युवा परीक्षाओं में पारदर्शिता को लेकर सवाल खड़े कर रहे हैं, लेकिन यूथ कॉन्क्लेव में सरकार ने इस पर कोई बात ही नहीं की।
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रोजगार मेलों पर कितना खर्च कर रही सरकार ?
पटवारी ने प्रदेश पर बढ़ते कर्ज को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि वित्तीय प्रबंधन बेहतर न होने से राज्य सरकार को कर्ज लेकर योजनाओं को चलाना पड़ रहा है। प्रदेश में कर्ज बढ़कर 5 लाख 68 हजार करोड़ से ज्यादा पहुंच चुका है। उन्होंने आरोप लगाया कि कर्ज लेने में भी भ्रष्टाचार हो रहा है। सरकार को स्पष्ट कराना चाहिए कि आखिर सरकार कितना कर्ज ले रही है और उस कर्ज की राशि का कहां-कहां कितना खर्च किया जा रहा है।

