भोपाल: आवासीय विद्यालय में पढ़ने वाले बच्चों को भोजन में छिपकली मिलने के बाद बीमार होने की शिकायत सामने आई थी। बच्चों को उपचार के लिए जेपी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इस घटना ने विद्यालय में भोजन की गुणवत्ता, रसोई की साफ-सफाई और बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए है। अब खाद्य विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच की, जिसमें व्यवस्थाओं से जुड़ी कई कमियां सामने आईं। अब खाद्य पदार्थों की प्रयोगशाला रिपोर्ट आने के बाद कार्रवाई होगी।
बता दें, नीलबड़ के मुगालिया छाप स्थित शासकीय श्रमोदय आवासीय विद्यालय में बच्चों के भोजन में छिपकली मिलने और एक दर्जन से ज्यादा बच्चों के बीमार हुए थे। खाद्य सुरक्षा विभाग हरकत में आया और रविवार देर रात श्रमोदय आवासीय विद्यालय पहुंचकर रसोई और भोजन व्यवस्था का निरीक्षण किया। इस दौरान खाद्य पदार्थों के 9 नमूने जांच के लिए गए। निरीक्षण में रसोई की व्यवस्थाओं में कई गंभीर खामियां भी सामने आई हैं।
रसोई में दिखी भयानक गंदगी, मिलीं कई खामियां
खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम को निरीक्षण के दौरान रसोई के फर्श और दीवारों की टाइल्स व पत्थर कई जगह से टूटे मिले। आटा गूंथने की मशीन के आसपास भी सतह क्षतिग्रस्त पाई गई। अधिकारियों के अनुसार, ऐसी जगहों पर गंदगी जमा होने और कीट पनपने की आशंका रहती है, जिससे भोजन दूषित होने का खतरा बढ़ सकता है। इसके अलावा भोजन परोसने वाले स्थान पर पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था नहीं मिली। पेस्ट कंट्रोल से जुड़े रिकॉर्ड और भोजन बनाने वाले कर्मचारियों के मेडिकल फिटनेस प्रमाण-पत्र भी निरीक्षण के दौरान उपलब्ध नहीं पाए गए। विभाग ने इन कमियों को खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता के लिहाज से गंभीर माना है।
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9 खाद्य पदार्थों के नमूने लिए
खाद्य सुरक्षा अधिकारी शिवराज एस पावक ने बताया, निरीक्षण के दौरान विभागीय टीम ने बेसन, कोकोनट पाउडर, पापड़, कतरन, तैयार दाल, मटर पनीर, तेल, बर्फी और मसूर दाल के नमूने लिए हैं। इन सभी नमूनों को जांच के लिए भेजा जाएगा। लैब से रिपोर्ट आने के बाद उसके आगे की कार्रवाई की जाएगी।

