Sunday, November 8, 2026
Contact: +91 97559 93555
Email: tathyawani@gmail.com
spot_img
Hometrending newsनेपाल बाढ़ त्रासदी: कई पर्यटक फंसे, रेस्क्यू ऑपरेशन जारी, 45 घर ध्वस्त

नेपाल बाढ़ त्रासदी: कई पर्यटक फंसे, रेस्क्यू ऑपरेशन जारी, 45 घर ध्वस्त

काठमांडू: नेपाल के गोरखा जिले में रविवार को अचानक आई बाढ़ से भारी तबाही हुई है। बूढ़ी गंडकी नदी में तेज पानी का बहाव आने से कई घर, सड़कें और पुल बह गए। इस आपदा में 5 लोगों के लापता होने की खबर है, जबकि दर्जनों परिवार प्रभावित हुए हैं। राहत टीमों ने अब तक 95 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला है। नेपाली सेना और स्थानीय प्रशासन बचाव कार्य में लगा हुआ है।

जानकारी के मुताबिक, पहाड़ी इलाके में भूस्खलन की वजह से नदी का रास्ता बंद हो गया था। इससे काफी पानी जमा हो गया। जब यह बाधा टूटी तो पानी और मलबा तेज रफ्तार से नीचे की ओर बहने लगा। इस बाढ़ का सबसे ज्यादा असर चुमनुब्री और धारचे इलाके में रहा।

हेलीकॉप्टर से 95 लोगों को बचाया गया

बाढ़ के बाद पांच लोग लापता हैं, जिनमें दो महिलाएं और तीन पुरुष शामिल हैं। नेपाली सेना ने चार हेलीकॉप्टरों की मदद से 95 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है। इनमें नौ विदेशी नागरिक भी शामिल हैं। वहीं, स्थानीय प्रशासन ने रविवार को 96 लोगों को बचाए जाने की जानकारी दी है। प्रभावित इलाकों में भोजन, दवाइयां और अन्य जरूरी सामान पहुंचाया जा रहा है।

45 मकान तबाह, कई गांवों का संपर्क टूटा

शुरुआती रिपोर्ट के मुताबिक, बाढ़ में करीब 45 मकान पूरी तरह नष्ट हो गए हैं, जबकि 27 मकानों को नुकसान पहुंचा है। अकेले चुमनुब्री क्षेत्र में 31 मकान बह गए हैं। इसके अलावा एक स्कूल भी बाढ़ की चपेट में आया है। गोरखा और धाडिंग जिलों को जोड़ने वाला पुल भी क्षतिग्रस्त हो गया है। कई पैदल पुल टूटने से गांवों के बीच आवाजाही प्रभावित हुई है।

मानसुलु क्षेत्र में 155 पर्यटक फंसे

बाढ़ के कारण नेपाल के प्रसिद्ध मानसुलु ट्रेकिंग क्षेत्र में भी परेशानी बढ़ गई है। जगत में करीब 115 और लोकपा में लगभग 40 पर्यटक रुके हुए हैं। अधिकारियों के अनुसार, सभी पर्यटक सुरक्षित हैं, लेकिन रास्ते बंद होने के कारण उन्हें आगे जाने में परेशानी हो रही है। प्रशासन रास्ते खोलने और जरूरी सामान पहुंचाने का प्रयास कर रहा है।

तीन बिजली परियोजनाओं को नुकसान

बाढ़ से तीन जलविद्युत परियोजनाएं भी प्रभावित हुई हैं। 341 मेगावाट की बूढ़ी गंडकी परियोजना के निर्माण स्थल पर पानी घुसने से उपकरण बह गए हैं। इसके अलावा 24.5 मेगावाट की परियोजना के निर्माण शिविर और पुल को नुकसान हुआ है। वहीं, 16 मेगावाट की माछाखोला परियोजना तक जाने वाली सड़क भी खराब हो गई है।

यह भी पढ़ें: कार्तिकेय की खेल प्रशासन में एंट्री, MP वॉलीबॉल संघ के अध्यक्ष बने

राहत और बचाव कार्य जारी

प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती लापता लोगों की तलाश और प्रभावित परिवारों तक मदद पहुंचाना है। कई गांवों का सड़क संपर्क टूटने से हेलीकॉप्टर की मदद ली जा रही है। नदी किनारे रहने वाले लोगों को सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी गई है। फिलहाल नुकसान का पूरा आकलन नहीं हो पाया है।

RELATED ARTICLES

ई-पेपर

1 to 7 November 2026
25 to 31 October 2026

शासकीय निविदाएं

विज्ञापन