मॉस्को: रूस के पूर्वी हिस्से में स्थित कामचटका प्रायद्वीप में शुक्रवार को भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए। यूरोपीय-भूमध्यसागरीय भूकंप विज्ञान केंद्र (ईएमएससी) और भारत के राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र (एनसीएस) के अनुसार, भूकंप की तीव्रता 7.0 मापी गई। हालांकि, अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (यूएसजीएस) ने इसकी तीव्रता 6.9 बताई है। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, किसी के हताहत होने या संपत्ति को नुकसान पहुंचने की खबर नहीं है।
अमेरिकी राष्ट्रीय महासागरीय और वायुमंडलीय प्रशासन (एनओएए) के अनुसार, भूकंप के बाद सुनामी की कोई चेतावनी या निगरानी जारी नहीं की गई। अधिकारियों ने सुनामी का खतरा नहीं बताया है।
भारतीय समयानुसार सुबह 9:05 बजे आया भूकंप
राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र के मुताबिक, भूकंप भारतीय समयानुसार सुबह 9 बजकर 5 मिनट पर आया। इसका केंद्र लगभग 152 किलोमीटर की गहराई पर था। अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण ने भी कामचटका प्रायद्वीप के पास प्रशांत महासागर के तटीय क्षेत्र में भूकंप आने की जानकारी दी है।
अलग-अलग एजेंसियों के आंकड़ों में तीव्रता को लेकर मामूली अंतर है, लेकिन सभी ने क्षेत्र में भूकंपीय गतिविधि दर्ज की है।
रिंग ऑफ फायर पर स्थित है कामचटका
कामचटका प्रायद्वीप दुनिया के उन क्षेत्रों में शामिल है, जहां भूकंप और ज्वालामुखी गतिविधियों का खतरा अधिक रहता है। यह प्रशांत महासागर के चारों ओर फैले ‘रिंग ऑफ फायर’ क्षेत्र में स्थित है। यहां टेक्टोनिक प्लेटों की हलचल के कारण अक्सर भूकंप आते हैं और ज्वालामुखी सक्रिय रहते हैं।
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, 9 अक्टूबर को भी इस क्षेत्र में भूकंप के झटके महसूस किए गए थे। इससे पहले जुलाई 2025 में कामचटका के पास 8.8 तीव्रता का शक्तिशाली भूकंप आया था, जिसके बाद प्रशांत महासागर के कई हिस्सों में सुनामी की स्थिति बनी थी।
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फिलहाल सुनामी की चेतावनी नहीं
भूकंप के बाद समुद्र में सुनामी आने की आशंका को लेकर निगरानी की गई। एनओएए ने स्पष्ट किया कि इस घटना के संबंध में सुनामी की कोई चेतावनी, परामर्श या निगरानी जारी नहीं की गई है।
फिलहाल किसी बड़े नुकसान या जनहानि की सूचना नहीं है। हालांकि, भूकंप के बाद की स्थिति पर नजर रखी जा रही है।

