नई दिल्ली: जापान के आइची-नागोया में रविवार को पांचवें पैरा एशियन गेम्स की शानदार शुरुआत हुई। उद्घाटन समारोह में भारतीय खिलाड़ियों ने पूरे उत्साह के साथ हिस्सा लिया। भारत की ओर से पैरालिंपिक स्वर्ण पदक विजेता प्रमोद भगत और कांस्य पदक विजेता धाविका सिमरन शर्मा ने तिरंगा लेकर भारतीय दल का नेतृत्व किया। नागोया के पालोमा मिजुहो स्टेडियम में आयोजित समारोह में विभिन्न देशों के खिलाड़ियों ने अपनी संस्कृति और खेल भावना का प्रदर्शन किया।
जापान के सम्राट नारुहितो ने खेलों के औपचारिक उद्घाटन की घोषणा की। इस बार प्रतियोगिता में एशिया के 45 देशों के खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं। खेलों का आयोजन 18 से 24 अक्टूबर तक किया जाएगा।
भारत के 168 खिलाड़ी दिखाएंगे अपना दम
पांचवें पैरा एशियन गेम्स के लिए भारत ने कुल 281 सदस्यीय दल भेजा है। खेल मंत्रालय की ओर से मंजूर इस दल में 168 खिलाड़ी शामिल हैं, जिनमें 112 पुरुष और 56 महिला एथलीट हैं। इनके अलावा 98 टीम अधिकारी और सपोर्ट स्टाफ तथा 15 अन्य दल सदस्य भी जापान पहुंचे हैं।
भारतीय खिलाड़ी कुल 11 खेलों में पदक जीतने के लिए मैदान में उतरेंगे। इनमें पैरा एथलेटिक्स, पैरा बैडमिंटन, पैरा स्विमिंग और पैरा पावरलिफ्टिंग जैसे खेल शामिल हैं।
भारत को अपने अनुभवी खिलाड़ियों के साथ युवा प्रतिभाओं से भी अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद है। पिछले अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में भारतीय पैरा खिलाड़ियों ने शानदार उपलब्धियां हासिल की हैं। ऐसे में इस प्रतियोगिता में भी भारतीय दल से बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद की जा रही है।
पहली बार एशिया के सभी 45 देशों की भागीदारी
इस बार पैरा एशियन गेम्स कई मायनों में खास हैं। एशियन पैरालिंपिक कमेटी के अध्यक्ष माजिद राशिद के अनुसार, पहली बार एशिया के सभी 45 देश इन खेलों में भाग ले रहे हैं।
उद्घाटन समारोह में खिलाड़ियों के संघर्ष, मेहनत और उपलब्धियों को सम्मान दिया गया। मेजबान जापान के खिलाड़ियों का भी जोरदार स्वागत हुआ।
प्रतियोगिता में कुल 18 खेल आयोजित किए जाएंगे। हालांकि, कुछ खेलों के शुरुआती मुकाबले 16 अक्टूबर से ही शुरू हो चुके हैं। इनमें ब्लाइंड फुटबॉल, पैरा बैडमिंटन और पैरा टेबल टेनिस शामिल हैं।
प्रमोद भगत ने पैरालिंपिक में रचा था इतिहास
भारतीय दल के ध्वजवाहक प्रमोद भगत पैरा बैडमिंटन के जाने-माने खिलाड़ी हैं। उन्होंने टोक्यो पैरालिंपिक में पुरुष सिंगल्स की SL3 श्रेणी में स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रचा था। वह पैरालिंपिक बैडमिंटन में भारत के पहले स्वर्ण पदक विजेता बने थे।
इसके अलावा प्रमोद ने 2018 के एशियन पैरा गेम्स में सिंगल्स का स्वर्ण और डबल्स का कांस्य पदक जीता था। खेलों में उनके योगदान के लिए उन्हें अर्जुन पुरस्कार, मेजर ध्यानचंद खेल रत्न और पद्म श्री से सम्मानित किया जा चुका है।
सिमरन शर्मा ने भी बढ़ाया देश का मान
भारतीय दल की दूसरी ध्वजवाहक सिमरन शर्मा दृष्टिबाधित धाविका हैं। उन्होंने पेरिस पैरालिंपिक 2024 में महिलाओं की 200 मीटर T12 स्पर्धा में कांस्य पदक जीता था।
इसके अलावा 2023 में हांगझू में आयोजित एशियन पैरा गेम्स में सिमरन ने 100 मीटर और 200 मीटर T12 स्पर्धाओं में दो रजत पदक हासिल किए थे। उनके शानदार प्रदर्शन को देखते हुए वर्ष 2024 में उन्हें अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
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24 अक्टूबर तक पदकों के लिए होगी प्रतिस्पर्धा
पैरा एशियन गेम्स में अगले सात दिनों तक विभिन्न खेलों में पदकों के लिए मुकाबले होंगे। भारतीय खिलाड़ी अपनी तैयारियों और अनुभव के दम पर देश के लिए अधिक से अधिक पदक जीतने का प्रयास करेंगे।
इस आयोजन का उद्देश्य केवल पदक जीतना नहीं, बल्कि दिव्यांग खिलाड़ियों की प्रतिभा को अंतरराष्ट्रीय मंच देना और खेलों में समान अवसरों को बढ़ावा देना भी है।

