भोपाल: राजधानी भोपाल सहित मध्य प्रदेश में 20 अक्टूबर को दशहरा पर्व धूमधाम से मनाया जाएगा। इस मौके पर राजधानी में कई स्थानों पर रावण दहन के बड़े आयोजन होंगे। कोलार में प्रदेश का सबसे ऊंचा 105 फीट का रावण जलाया जाएगा, जबकि अवधपुरी के जंबूरी मैदान में 101 फीट ऊंचे रावण के पुतले का दहन होगा। रावण के साथ कुंभकर्ण और मेघनाद के विशाल पुतले भी आकर्षण का केंद्र रहेंगे।
भोपाल में करीब एक दर्जन स्थानों पर रावण दहन के आयोजन किए जाएंगे। इनमें सबसे पुराना आयोजन छोला दशहरा मैदान में होगा। यहां पिछले करीब 80 साल से दशहरे पर रावण दहन की परंपरा चली आ रही है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भी कई कार्यक्रमों में शामिल होंगे।
कोलार में 105 फीट के रावण के साथ लेजर शो
कोलार हिंदू उत्सव समिति के सचिव और भाजपा जिला अध्यक्ष रविन्द्र यती ने बताया कि कोलार में प्रदेश का सबसे बड़ा दशहरा महोत्सव आयोजित किया जाएगा। यहां 105 फीट ऊंचे रावण के पुतले का दहन होगा। कार्यक्रम में ‘हनुमान अंश’ फिल्म के भजन गायक सुनील लोधी प्रस्तुति देंगे। इसके अलावा मुंबई का मशहूर रूट्स नादात्म बैंड संगीतमय प्रस्तुति देगा।
आयोजन में कई धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम भी होंगे। रावण दहन से पहले और बाद में जयपुर और शिवाकाशी से आए आतिशबाज रंगारंग आतिशबाजी का प्रदर्शन करेंगे।
जंबूरी मैदान में 101 फीट ऊंचे रावण का दहन
भोजपाल महोत्सव समिति की ओर से अवधपुरी के जंबूरी मैदान में दशहरा पर्व मनाया जाएगा। यहां 101 फीट ऊंचे रावण के पुतले का दहन होगा। इस दौरान ड्रोन से पुष्पवर्षा की जाएगी और आतिशबाजी का आयोजन होगा। दशहरा महोत्सव को लेकर तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं।
वहीं, कलियासोत दशहरा मैदान में 90 फीट ऊंचे रावण और 85 फीट ऊंचे कुंभकर्ण के पुतले का दहन किया जाएगा। यहां राम-रावण युद्ध के मंचन के साथ लेजर शो भी आकर्षण का केंद्र रहेगा।
टीटी नगर दशहरा मैदान में 60 फीट का रावण
टीटी नगर दशहरा मैदान में 60 फीट ऊंचे रावण के पुतले का दहन किया जाएगा। कार्यक्रम में गुफा मंदिर के महंत राम प्रवेश दास मुख्य अतिथि होंगे, जबकि कैबिनेट मंत्री विश्वास सारंग अध्यक्षता करेंगे। सांसद आलोक शर्मा, विधायक भगवान दास सबनानी और महापौर मालती राय सहित कई प्रमुख लोग भी कार्यक्रम में शामिल होंगे। इस दौरान देश का नाम रोशन करने वाले खिलाड़ियों का सम्मान किया जाएगा।
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छोला दशहरा मैदान में 80 साल से हो रहा रावण दहन
राजधानी भोपाल में नवाबी रियासत के दौर से ही दशहरा पर्व मनाने की परंपरा रही है। पहले कमाली मंदिर परिसर में दशहरे का आयोजन किया जाता था। उस समय भोपाल की पुट्ठा मिल से हमीदिया रोड के आगे तक जंगल हुआ करता था।
तब स्वर्णकार समाज के मंदिर से रामदल तैयार होकर सवारी के रूप में छोला दशहरा मैदान तक पहुंचता था। इसके बाद यहां रावण दहन की परंपरा शुरू हुई, जो पिछले करीब 80 साल से जारी है।

