गोरखपुर: उत्तर प्रदेश के गोरखपुर स्थित गोरखनाथ मंदिर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विशेष पूजा-अर्चना की। गोरक्षपीठाधीश्वर के रूप में सीएम योगी ने मंदिर में आरती उतारी और पूजा से जुड़े सभी धार्मिक संस्कार पूरे किए। विजयादशमी के अवसर पर मंदिर में धार्मिक माहौल रहा।
पूजा का विशेष महत्व
गोरक्षपीठाधीश्वर के रूप में इस पूजा का विशेष महत्व है। दशहरा बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक माना जाता है। यह पर्व भगवान श्रीराम के जीवन और आदर्शों का स्मरण कराता है।
एक्स पर पोस्ट कर दी बधाई
सीएम योगी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर प्रदेशवासियों और श्रद्धालुओं को विजयादशमी की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने अपने संदेश की शुरुआत ‘यतो धर्मस्ततो जयः से की। इसका अर्थ है कि जहां धर्म है, वहीं विजय है। उन्होंने मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम के आदर्शों और जीवन-मूल्यों को याद किया।
नकारात्मकता छोड़ने का दिया संदेश
मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि विजयादशमी का पर्व हमें अहंकार और नकारात्मकता का त्याग करने की प्रेरणा देता है। उन्होंने लोगों से सत्य, सदाचार और लोकमंगल के मार्ग पर चलने का आह्वान किया। और कहा, भगवान श्रीराम का जीवन मर्यादा, सत्य और धर्म के पालन का संदेश देता है। दशहरे का पर्व इन्हीं मूल्यों को जीवन में अपनाने की याद दिलाता है।
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सभी के सुख और शांति की कामना
सीएम योगी ने भगवान श्रीराम से सभी के जीवन में सुख, शांति और मंगल की कामना की। उन्होंने अपने संदेश का समापन ‘जय श्रीराम’ के उद्घोष के साथ किया।
बता दें, उत्तर प्रदेश में दशहरे के अवसर पर विभिन्न स्थानों पर पूजा-पाठ और धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। यह पर्व बुराई पर अच्छाई और असत्य पर सत्य की जीत का संदेश देता है।

