उज्जैन: जिले में सिंहस्थ-2028 की तैयारियां जोरों पर चल रही हैं। इसी को लेकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव उज्जैन में करीब 391.08 करोड़ रुपए के विकास कार्यों का भूमिपूजन करेंगे। जिसके तहत धार्मिक स्थलों के विकास और श्रद्धालुओं की सुविधाओं के विस्तार से जुड़ी परियोजनाओं की आधारशिला रखी जाएगी।
भूमिपूजन शाम 5 बजे वाल्मीकि धाम में होगा। मुख्यमंत्री यहां दर्शन के साथ टेकचंद महाराज की समाधि पर भी जाएंगे।
विभिन्न विकास कार्य प्रस्तावित किए गए हैं
सिंहस्थ-2028 में देशभर से करोड़ों श्रद्धालुओं के उज्जैन पहुंचने की संभावना को देखते हुए शहर में यातायात व्यवस्था सुगम बनाने और श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए विभिन्न विकास कार्य प्रस्तावित किए गए हैं। इन परियोजनाओं का उद्देश्य आवागमन को आसान बनाने के साथ दर्शन व्यवस्था और पार्किंग को व्यवस्थित करना है।
उज्जैन विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष डॉ. रवि सोलंकी के अनुसार, इन परियोजनाओं के पूरा होने पर सिंहस्थ के दौरान श्रद्धालुओं को बेहतर आवागमन, सुगम दर्शन, व्यवस्थित पार्किंग और अन्य आवश्यक सुविधाएं मिल सकेंगी।
ये भी पढ़ें: दिल्ली महारैली के लिए कांग्रेस का मिशन: एमपी से एक लाख लोगों को जुटाने का लक्ष्य, नेताओं को सौंपी जिम्मेदारी
प्रमुख विकास कार्य
अंकपात चौराहे से मंगलनाथ तक 2.01 किमी मार्ग का चौड़ीकरण, शिप्रा के पूर्वी भाग में 6.1 किमी लंबाई एवं 9 मीटर चौड़ाई की सड़क का निर्माण, कुशाभाऊ ठाकरे मार्ग से छोटी रपट तक 1.45 किमी सड़क चौड़ीकरण, भूखी माता मंदिर परिसर एवं संबंधित अधोसंरचना का विकास, अमृत द्वार (लगभग 120 फीट चौड़ाई एवं 44 फीट ऊंचाई) का निर्माण। सिद्धवट मंदिर पर क्यू एरिया, निकास क्षेत्र, प्रशासनिक एवं अन्य आवश्यक भवनों, शौचालय तथा चेंजिंग रूम आदि का विस्तार।

