Friday, November 6, 2026
Contact: +91 97559 93555
Email: tathyawani@gmail.com
spot_img
Hometrending newsइजरायल में चुनाव से पहले बढ़ी हलचल, मतदान के लिए विदेशों से...

इजरायल में चुनाव से पहले बढ़ी हलचल, मतदान के लिए विदेशों से लौट रहे हजारों नागरिक

तेल अवीव: इजरायल में 27 अक्टूबर को होने वाले संसदीय चुनाव से पहले राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। इस बार चुनाव को देश के भविष्य के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की सरकार के सामने सत्ता बनाए रखने की चुनौती है, जबकि विपक्ष राजनीतिक बदलाव के मुद्दे पर चुनाव मैदान में है। चुनाव को लेकर विदेशों में रहने वाले हजारों इजरायली नागरिक भी अपने देश लौट रहे हैं, ताकि वे मतदान में हिस्सा ले सकें।

अमेरिका, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया और यूरोपीय देशों में रहने वाले बड़ी संख्या में इजरायली नागरिक चुनाव के लिए यात्रा कर रहे हैं। एक गैर-लाभकारी संगठन के अनुमान के अनुसार करीब 67 हजार प्रवासी नागरिक मतदान के लिए इजरायल लौट सकते हैं। हालांकि, यह अनुमान है और वास्तविक संख्या मतदान के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

मतदान के लिए हजारों रुपये खर्च कर रहे नागरिक

इजरायल में विदेशों में रहने वाले अधिकांश नागरिकों के लिए ऑनलाइन या डाक के माध्यम से मतदान की सुविधा उपलब्ध नहीं है। ऐसे में उन्हें वोट डालने के लिए अपने देश वापस आना पड़ता है। यही वजह है कि कई लोग महंगे हवाई टिकट खरीदकर और अपने जरूरी काम छोड़कर इजरायल पहुंच रहे हैं।

मतदान में भागीदारी बढ़ाने के लिए कुछ संगठनों ने यात्रा संबंधी जानकारी और टिकट व्यवस्था में सहायता भी की है। चुनाव के कारण इजरायल के बेन गुरियन हवाई अड्डे पर विदेशों से आने वाले यात्रियों की संख्या बढ़ने की खबरें सामने आई हैं।

नेतन्याहू के सामने विपक्ष की चुनौती

इस चुनाव में प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और उनके राजनीतिक सहयोगियों का मुकाबला विपक्षी दलों से है। पूर्व सैन्य प्रमुख गादी आइजनकोट विपक्ष के प्रमुख चेहरों में शामिल हैं। चुनाव में राष्ट्रीय सुरक्षा, न्यायपालिका में बदलाव, सेना में भर्ती और बढ़ती महंगाई जैसे मुद्दे चर्चा में हैं।

इसके अलावा 7 अक्टूबर 2023 को हमास के हमले और उसके बाद गाजा में चले युद्ध को लेकर सरकार की नीतियों पर भी सवाल उठ रहे हैं। नेतन्याहू के समर्थक उनकी सुरक्षा संबंधी नीतियों और अनुभव को महत्व दे रहे हैं, जबकि विरोधी सरकार की जवाबदेही और राजनीतिक बदलाव की जरूरत पर जोर दे रहे हैं।

यह भी पढ़ें: मुख्यमंत्री निवास पर भाजपा प्रदेश कोर कमेटी की बैठक,विभिन्‍न विषयों को लेकर विस्‍तार से चर्चा की गई

प्रवासी मतदाता निभा सकते हैं महत्वपूर्ण भूमिका

इजरायल की संसद नेसेट में कुल 120 सीटें हैं। सरकार बनाने के लिए सामान्य रूप से कम से कम 61 सांसदों का समर्थन जरूरी होता है। यहां कई राजनीतिक दल चुनाव लड़ते हैं और सरकार बनाने के लिए गठबंधन की भूमिका महत्वपूर्ण रहती है।

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यदि प्रमुख दलों के बीच मुकाबला करीबी रहा तो विदेशों से लौटने वाले मतदाताओं की भागीदारी भी महत्वपूर्ण हो सकती है। हालांकि, इन मतदाताओं का समर्थन किस दल को मिलेगा, इसे लेकर अभी स्पष्ट जानकारी नहीं है।

फिलहाल पूरे इजरायल की नजर 27 अक्टूबर के मतदान पर है। चुनाव परिणाम के बाद ही स्पष्ट होगा कि देश में मौजूदा नेतृत्व को दोबारा सरकार बनाने का अवसर मिलेगा या नए राजनीतिक गठबंधन की संभावना बनेगी।

RELATED ARTICLES

ई-पेपर

1 to 7 November 2026
25 to 31 October 2026

शासकीय निविदाएं

विज्ञापन