देवास: मध्य प्रदेश के देवास जिले में अवैध शराब से जुड़ी मौतों का मामला लगातार गंभीर होता जा रहा है। इस मामले में दस से अधिक लोगों की मौत की खबर सामने आने के बाद प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं। पुलिस ने जांच के दौरान फरार मैनेजर सहित दस लोगों को गिरफ्तार किया है। वहीं शुरुआत में मौतों के कारणों को लेकर प्रशासन की ओर से दिए गए जवाबों पर भी विवाद खड़ा हो गया है।
पहले मौतों के कारणों को लेकर किया गया था इनकार
मामले की शुरुआत में प्रशासन की ओर से कहा गया था कि संबंधित लोगों की मौत अलग-अलग कारणों से हुई है। इनमें बीमारी, अधिक उम्र, ब्रेन हैमरेज और दुर्घटना जैसे कारण बताए गए थे। हालांकि अवैध शराब से मौत होने की आशंका सामने आने के बाद पूरे मामले की जांच तेज कर दी गई।
मृतकों के परिजनों और स्थानीय लोगों के बीच घटना को लेकर चिंता बनी हुई है। उनका सवाल है कि यदि अवैध शराब की बिक्री हो रही थी, तो संबंधित विभागों को इसकी जानकारी समय रहते क्यों नहीं मिली।
पुलिस ने दस आरोपियों को किया गिरफ्तार
पुलिस ने मामले में कार्रवाई करते हुए फरार मैनेजर सहित दस लोगों को गिरफ्तार किया है। जांच में यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि अवैध शराब की आपूर्ति कहां से की गई और इसमें किन लोगों की भूमिका थी।
इसके साथ ही शराब की बिक्री और निगरानी से जुड़े विभागों की जिम्मेदारी पर भी सवाल उठ रहे हैं। प्रशासनिक स्तर पर हुए बदलावों के बाद मामला और अधिक चर्चा में आ गया है।
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जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका पर भी नजर
अवैध शराब के कारण होने वाली मौतों की घटनाएं पहले भी सामने आती रही हैं। ऐसे मामलों में केवल शराब बेचने वालों के खिलाफ कार्रवाई ही पर्याप्त नहीं मानी जाती, बल्कि यह जांच भी जरूरी होती है कि अवैध कारोबार को रोकने के लिए जिम्मेदार विभागों ने समय पर कार्रवाई क्यों नहीं की।
इस घटना ने एक बार फिर अवैध शराब की बिक्री और प्रशासनिक निगरानी पर सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल पुलिस जांच जारी है और मामले में आगे की कार्रवाई पर सभी की नजर बनी हुई है।

