शिवपुरी: मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले में बुधवार को दो सगी बहनों और उनके चार बच्चों की मौत से दो गांवों में मातम छा गया। बैराड़ थाना क्षेत्र के गूंगरगांव में 35 वर्षीय अंजलि रावत और उनके छह वर्षीय बेटे की मौत हो गई। वहीं, कुछ घंटे बाद कोलारस थाना क्षेत्र के सेसई गांव की रहने वाली उनकी बड़ी बहन सीता रावत और तीन बच्चों के शव खेत में मिले। दोनों घटनाओं की परिस्थितियों की पुलिस जांच कर रही है।
पति की मौत के बाद सदमे में थीं अंजलि
पहली घटना बुधवार दोपहर बैराड़ थाना क्षेत्र के गूंगरगांव की है। यहां अंजलि रावत अपने छह वर्षीय बेटे प्रशांत के साथ मृत मिलीं। अंजलि आठ महीने की गर्भवती थीं। करीब एक महीने पहले उनके पति धरमवीर रावत की सड़क दुर्घटना में मौत हो गई थी। इसके बाद से वह मानसिक तनाव से गुजर रही थीं।
जानकारी के मुताबिक, घटना के समय अंजलि अपनी तीन बेटियों को भी साथ लेकर गई थीं। इनमें से एक बेटी खुद को छुड़ाकर वहां से भाग निकली और घर पहुंचकर परिजनों को सूचना दी। इससे अन्य बच्चियों की जान बच गई। इस घटना में अंजलि, उनके बेटे और गर्भस्थ शिशु की मौत हो गई।
बड़ी बहन और तीन बच्चों के शव खेत में मिले
पहली घटना के कुछ घंटे बाद बुधवार शाम को दूसरी दुखद घटना सामने आई। अंजलि की बड़ी बहन 40 वर्षीय सीता रावत और उनके तीन बच्चों राखी (14), प्रियंका (11) और छह वर्षीय श्लोक के शव खोंकर गांव के एक खेत में मिले।
शाम करीब छह बजे तक सीता और बच्चे घर नहीं लौटे तो परिजनों ने उनकी तलाश शुरू की। खेत में पहुंचने पर उन्हें चप्पलें दिखाई दीं। आसपास तलाश करने पर चारों के शव मिले। इसके बाद परिजनों ने पुलिस को सूचना दी।
मौके पर पहुंची पुलिस ने ग्रामीणों की मदद से शवों को बाहर निकलवाया। एक ही दिन में दो बहनों और चार बच्चों की मौत की खबर से दोनों गांवों में शोक का माहौल बन गया।
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पुलिस दोनों घटनाओं की जांच में जुटी
घटनाओं की गंभीरता को देखते हुए पुलिस और प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने दोनों मामलों में मर्ग कायम कर शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। अधिकारियों के मुताबिक, दोनों घटनाओं से जुड़ी परिस्थितियों और संभावित कारणों की जांच की जा रही है।
एक ही परिवार के छह लोगों की मौत से परिजन गहरे सदमे में हैं। पुलिस का कहना है कि जांच के बाद ही घटनाओं के पीछे की परिस्थितियां स्पष्ट हो सकेंगी।

