भोपाल: दिवाली पर पटाखों की चिंगारी, धुआं और तेज गति से उड़ने वाले कण आंखों को गंभीर नुकसान पहुंचा सकते हैं। आतिशबाजी के दौरान छोटी सी लापरवाही भी आंखों की रोशनी छीन सकती है। इसे देखते हुए एम्स भोपाल ने दिवाली पर आंखों की सुरक्षा को लेकर विशेष एडवाइजरी जारी की है। इसमें पटाखे जलाते समय सुरक्षात्मक चश्मा पहनने, बच्चों को अकेले आतिशबाजी नहीं करने देने और आंख में चोट लगने पर तत्काल चिकित्सा सहायता लेने की सलाह दी गई है।
पटाखे जलाते समय बरतें सावधानी
एम्स भोपाल के अनुसार, आतिशबाजी हमेशा खुले और सुरक्षित स्थान पर करनी चाहिए। पटाखे जलाते समय बच्चों के साथ किसी वयस्क का मौजूद रहना जरूरी है। छोटे बच्चों को फुलझड़ी या अन्य पटाखे अकेले नहीं चलाने देना चाहिए।
पटाखे जलाते समय सुरक्षात्मक चश्मा पहनें, ताकि आंखों को धुएं, उड़ते कणों और तेज चमक से बचाया जा सके। पटाखा जलाने के बाद उससे सुरक्षित दूरी बना लें। यदि कोई पटाखा नहीं जलता है तो उसे दोबारा जलाने या छूने की कोशिश न करें। किसी आपात स्थिति से निपटने के लिए आसपास पानी की बाल्टी भी रखें।
आतिशबाजी के बाद हाथ अच्छी तरह धोएं। पटाखों के अवशेष और हाथों पर लगे कणों को आंखों, चेहरे और बालों से दूर रखें।
आंख में चिंगारी या कण जाने पर क्या करें?
पटाखे की चिंगारी, धूल या कोई कण आंख में जाने पर उसे रगड़ने से बचें। ऐसा करने से चोट और गंभीर हो सकती है। यदि आंख में धूल या छोटा कण चला गया है अथवा जलन हो रही है तो साफ पानी से आंख को धीरे-धीरे धोएं।
गंभीर चोट या दर्द होने पर आंख को हल्के से ढकें। इसके लिए किसी कठोर वस्तु का इस्तेमाल न करें। आंख से खून आने, धुंधला दिखाई देने या तेज दर्द होने पर बिना देरी किए नजदीकी अस्पताल या नेत्र विशेषज्ञ के पास पहुंचें।
यह भी पढ़ें: राज्यसभा के 3 सांसदों को हाईकोर्ट की आखिरी चेतावनी, जवाब नहीं दिया तो खत्म होगा पक्ष रखने का अधिकार
घरेलू नुस्खे अपनाने से बढ़ सकती है परेशानी
एम्स ने चेतावनी दी है कि आंख में किसी भी तरह की चोट को मामूली समझकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। बिना विशेषज्ञ की सलाह के घरेलू उपाय या इलाज करने से समस्या बढ़ सकती है।
समय पर चिकित्सा मिलने से आंखों को गंभीर नुकसान से बचाने में मदद मिल सकती है। एम्स भोपाल ने लोगों से अपील की है कि दिवाली की खुशियां मनाते समय परिवार और दोस्तों की सुरक्षा का भी ध्यान रखें। थोड़ी सी सावधानी आंखों को गंभीर चोट से बचा सकती है।

