कांग्रेस की आपत्तियां नहीं आईं काम, दो निर्दलीय प्रत्याशियों के नामांकन निरस्त होने के बाद निर्विरोध निर्वाचन का रास्ता हुआ साफ
भोपाल: केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी मध्य प्रदेश से निर्विरोध राज्यसभा सांसद निर्वाचित हो गए हैं। राज्यसभा की रिक्त सीट पर हुए उपचुनाव में उनके मुकाबले मैदान में उतरे दोनों निर्दलीय उम्मीदवारों के नामांकन निरस्त होने के बाद उनके निर्वाचन का रास्ता साफ हो गया। गुरुवार को नाम वापसी की निर्धारित समय सीमा समाप्त होने के बाद निर्वाचन अधिकारी ने पुरी के निर्विरोध निर्वाचन की औपचारिक घोषणा कर दी। इस तरह मध्य प्रदेश से राज्यसभा की एक सीट भाजपा के खाते में चली गई है।
दरअसल, यह सीट केंद्रीय मंत्री डॉ. एल. मुरुगन के इस्तीफे के बाद खाली हुई थी। भाजपा ने इस सीट के लिए केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी को अपना उम्मीदवार बनाया था। पार्टी ने 28 अक्टूबर को उनकी उम्मीदवारी की घोषणा की थी। इसके बाद 31 अक्टूबर को पुरी ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल की मौजूदगी में अपना नामांकन दाखिल किया था।
दो निर्दलीय उम्मीदवारों के नामांकन हुए निरस्त
राज्यसभा उपचुनाव में कांग्रेस समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार राजकुमार लोहानी और कांते सायन्ना ने भी अपना नामांकन दाखिल किया था। हालांकि, जांच के दौरान दोनों के नामांकन में निर्धारित दस्तावेजों और जानकारियों से जुड़ी कमियां सामने आईं। राजकुमार लोहानी की ओर से आवश्यक फॉर्म-26 का शपथ पत्र जमा नहीं किए जाने के कारण उनका नामांकन निरस्त कर दिया गया। वहीं, दूसरे निर्दलीय उम्मीदवार कांते सायन्ना का नामांकन भी अधूरी जानकारी के चलते खारिज कर दिया गया।
दोनों निर्दलीय उम्मीदवारों के नामांकन निरस्त होने के बाद हरदीप सिंह पुरी के सामने कोई अन्य वैध प्रत्याशी नहीं बचा। ऐसे में नाम वापसी की समय सीमा पूरी होते ही उनका निर्विरोध निर्वाचन तय हो गया।
कांग्रेस ने उठाए थे नामांकन पर सवाल?
इस चुनाव के दौरान कांग्रेस की ओर से हरदीप सिंह पुरी के नामांकन को लेकर भी आपत्तियां दर्ज कराई गई थीं। कांग्रेस ने नामांकन प्रक्रिया में कथित खामियों का मुद्दा उठाते हुए निर्वाचन अधिकारी के सामने अपना पक्ष रखा था। हालांकि, निर्वाचन अधिकारी ने कांग्रेस की आपत्तियों को स्वीकार नहीं किया। इसके बाद चुनाव प्रक्रिया आगे बढ़ी और पुरी के निर्विरोध निर्वाचन की घोषणा कर दी गई।
हेमंत खंडेलवाल को सौंपा निर्वाचन प्रमाण पत्र
निर्विरोध निर्वाचन की औपचारिकता पूरी होने के बाद निर्वाचन अधिकारी उमेश कुमार शर्मा ने हरदीप सिंह पुरी के अधिकृत प्रतिनिधि और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल को निर्वाचन प्रमाण पत्र सौंपा। इसके साथ ही मध्य प्रदेश से राज्यसभा में पुरी का प्रतिनिधित्व सुनिश्चित हो गया। उनका कार्यकाल अप्रैल 2030 तक रहेगा।
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भाजपा के लिए राजनीतिक रूप से अहम रहा चुनाव
हरदीप सिंह पुरी का मध्य प्रदेश से निर्विरोध राज्यसभा पहुंचना भाजपा के लिए राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। केंद्र सरकार में मंत्री रहते हुए अब वे मध्य प्रदेश से उच्च सदन में प्रतिनिधित्व करेंगे। दूसरी ओर, कांग्रेस की आपत्तियों और निर्दलीय प्रत्याशियों के नामांकन निरस्त होने के कारण यह चुनाव राजनीतिक चर्चा का विषय बना रहा।
हालांकि, इस पूरे घटनाक्रम में सबसे अहम बात यह रही कि मतदान की नौबत ही नहीं आई और नामांकन प्रक्रिया पूरी होने के बाद हरदीप सिंह पुरी निर्विरोध निर्वाचित हो गए।

