नई दिल्ली: मोहम्मद शमी के टेस्ट क्रिकेट से संन्यास के ऐलान के बाद भारतीय क्रिकेट में हड़कंप मच गया है। पूर्व भारतीय कोच रवि शास्त्री ने इस फैसले पर खुलकर अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए चयनकर्ताओं पर सवाल उठा दिए हैं। शास्त्री का साफ कहना है कि शमी जैसे अनुभवी गेंदबाज को अभी टेस्ट क्रिकेट में खेलना चाहिए था।
7 नवंबर को सामने आई रिपोर्ट के मुताबिक, शास्त्री ने शमी के अनुभव और भारतीय टीम में उनके योगदान को बेमिसाल बताया। उन्होंने कहा कि एक मैच विनर गेंदबाज को इस तरह टीम से बाहर रखना समझ से परे है।
टेस्ट क्रिकेट में शमी का रहा शानदार योगदान
मोहम्मद शमी ने अपनी रफ्तार, सटीक सीम मूवमेंट और रिवर्स स्विंग से दुनिया के बड़े-बड़े बल्लेबाजों को परेशान किया है। भारत के लिए उन्होंने कई ऐतिहासिक जीतों में अहम भूमिका निभाई। खासतौर पर ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड और दक्षिण अफ्रीका जैसी विदेशी पिचों पर उनकी गेंदबाजी भारतीय टीम की सबसे बड़ी ताकत मानी जाती रही है।
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चयन को लेकर छिड़ी बहस
शमी के संन्यास के बाद अब इस बात पर बहस छिड़ गई है कि क्या अनुभवी खिलाड़ियों को टीम में वापसी के पर्याप्त मौके मिल रहे हैं? शास्त्री की प्रतिक्रिया ने इस बहस को और हवा दे दी है। क्रिकेट जानकारों का मानना है कि फिटनेस के नाम पर अनुभवी खिलाड़ियों की अनदेखी भारतीय टीम को महंगी पड़ सकती है।
अब शमी के टेस्ट करियर के खत्म होने के बाद सबकी नजर उनके सीमित ओवरों के भविष्य और आईपीएल में उनकी भूमिका पर टिकी रहेगी।

