क्रिकेट मंच से इतिहास की बहस, विजयवर्गीय के बयान पर छिड़ा सियासी घमासान

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बीना। क्रिकेट टूर्नामेंट के मंच से दिया गया बयान जब राजनीति और इतिहास को जोड़ दे, तो विवाद और बहस होना तय होता है। मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के ताजमहल संबंधी बयान ने एक बार फिर राजनीतिक गलियारों में बहस छेड़ दी है और विपक्ष को बैठे बिठाए एक मुद्दा दे दिया है। बीना में आयोजित एक क्रिकेट टूर्नामेंट के उद्घाटन अवसर पर मंच को संबोधित करते हुए नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने ताजमहल को लेकर विवादित बयान दे दिया।

उन्होंने दावा किया कि ताजमहल प्यार की निशानी नहीं है, वह तो मूल रूप से एक मंदिर था, जिसे शाहजहां ने मकबरे में बदला।
दस्तूर के अनुसार बयान के बाद विपक्ष ने सवाल उठाए कि मंत्री का दायित्व प्रशासन संभालना है न कि इतिहास की नई व्याख्या करना। विजयवर्गीय के इस बयान ने एक बार फिर सियासी बहस को हवा दे दी है।