नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में बीते 24 दिनों से जारी भारी तनाव के बीच डोनॉल्ड ट्रंप की ओर युद्ध विराम की बात कही जाना दुनिया के लिए राहत की किरण नजर आई। लेकिन ईरान ने ट्रंप दावे को खारिज करते हुए स्पष्ट किया है कि उसका अमेरिका के साथ बातचीत का कोई इरादा नहीं है। ईरान की संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बागेर कालीबफ ने उन खबरों को पूरी तरह से भ्रामक और फर्जी बताया है, जिनमें दावा किया गया था कि अमेरिकी दूत किसी ईरानी नेता के साथ शांति समझौता करने के लिए चर्चा कर रहे हैं। वहीं, अंतरराष्ट्रीय मीडिया में चर्चा है कि ट्रंम अब किसी भी तरह युद्ध से बाहर आने का रास्ता तलाश रहे हैं, युद्ध विराम का दावा भी इसी दिशा में उठाया गया कदम है।
ईरानी नेतृत्व का साफ कहना है कि अमेरिका और इजराइल इस समय युद्ध के जिस संकट में फंसे हुए हैं और उन्हें हार का डर सता रहा है। इसीलिए अब वे दुनिया का उससे ध्यान भटकाने और अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतों को प्रभावित करने के लिए ऐसी झूठी सूचनाएं फैला रहे हैं। ईरान अपनी शर्तों पर अडिग रहते हुए चेतावनी दे रहा है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक संघर्ष जारी रहेगा।
दूसरी ओर, अमेरिकी सूत्रों का कहना है कि तुर्की, मिस्र और पाकिस्तान जैसे देश मध्यस्थ की भूमिका निभाते हुए दोनों देशों के बीच संदेशों का आदान-प्रदान कर रहे हैं। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी संकेत दिए थे कि वे ईरान के साथ किसी समझौते की दिशा में बढ़ रहे हैं, लेकिन ईरान के कड़े रुख ने वार्ता की इन संभावनाओं पर फिलहाल विराम लगा दिया है।
अमेरिकी दावों की ईरानी नेतृत्व ने निकाली हवा, शांति प्रस्तावों पर उठाए सवाल
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