गरियाबंद। छत्तीसगढ़ में सोशल मीडिया पर ‘वायरल’ होने की चाह एक शिकारी को भारी पड़ गई। छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में 9 दुर्लभ भारतीय विशाल गिलहरियों के शिकार के मामले में वन विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। खास बात यह है कि इस पूरे मामले का खुलासा खुद आरोपी की इंस्टाग्राम रील से हुआ।
सोशल मीडिया ने खोला राज
जानकारी के मुताबिक, आरोपी ने शिकार के बाद वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर अपलोड किया था। यह वीडियो दूसरे राज्य के वन अधिकारियों की नजर में आया,जिसके बाद सूचना उदंती सीतानदी टाइगर रिजर्व प्रशासन तक पहुंची। अधिकारियों ने तुरंत एक विशेष एंटी-पोचिंग टीम गठित कर जांच शुरू की। वन विभाग ने तकनीकी मदद से आरोपी की लोकेशन ट्रैक की और दंतेवाड़ा जिले के बारसूर इलाके में छापेमारी की। ऑपरेशन के दौरान बंशीराम कोवासी नाम के आरोपी को गिरफ्तार किया गया। तलाशी में वन्यजीवों के अवशेष, भालू की खाल और शिकार में इस्तेमाल होने वाले उपकरण बरामद हुए।
संरक्षित प्रजाति का किया शिकार
बता दें जांच में सामने आया कि आरोपी ने जिन जानवरों का शिकार किया, वे भारतीय विशाल गिलहरी प्रजाति के हैं, जो वन्यजीव संरक्षण कानून के तहत अत्यंत संरक्षित श्रेणी में आते हैं। इस प्रजाति को महाराष्ट्र का राजकीय पशु भी माना जाता है और इसका शिकार गंभीर अपराध है।
पूछताछ में आरोपी ने कबूल किया कि उसने गिलहरियों का शिकार मांस के लिए किया था। हालांकि, वन विभाग ने इसे संगठित शिकार गिरोह से जुड़ा मामला भी माना है और अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।
अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि अब सोशल मीडिया भी निगरानी के दायरे में है और वन्यजीवों के खिलाफ अपराध करने वालों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा। साइबर ट्रैकिंग के जरिए ऐसे मामलों पर लगातार नजर रखी जा रही है।


