लेबनान। जारी संघर्ष ने एक बार फिर भयावह रूप ले लिया है। ताज़ा इजराइली हमलों में महज़ एक दिन के भीतर 254 लोगों की मौत हो गई, जबकि 1100 से अधिक लोग घायल बताए जा रहे हैं। इस बड़े मानवीय नुकसान के बाद सरकार ने पूरे देश में राष्ट्रीय शोक घोषित कर दिया है।
सरकार ने झोंकी पूरी ताकत
इस हमले को लेकर लेबनान के प्रधानमंत्री नवाफ सलाम ने हालात को गंभीर बताते हुए कहा- “सरकार हर स्तर पर कूटनीतिक प्रयास कर रही है ताकि हमलों को रोका जा सके। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से तत्काल हस्तक्षेप की मांग भी की है।“ वहीं लेबनान के स्वास्थ्य मंत्री रकन नासेरेद्दीन ने बताया कि- “लगातार बढ़ती घायलों की संख्या के चलते अस्पतालों में जगह और संसाधनों की भारी कमी हो गई है। कई इलाकों में दवाइयों और मेडिकल स्टाफ की भी कमी की खबरें सामने आ रही हैं, जिससे स्थिति और गंभीर होती जा रही है।“
सीजफायर पर बढ़ा विवाद
लेबनान में हमले के बाद संघर्ष के बीच युद्धविराम को लेकर भी बयानबाज़ी तेज हो गई है। बेंजामिन नेतन्याहूने साफ कहा है कि “लेबनान इस समझौते का हिस्सा नहीं है।“ लेबनान में इजराइली हमलों को लेकर अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने भी स्पष्ट किया कि- “किसी प्रकार का औपचारिक वादा नहीं किया गया था।“
ईरान की कड़ी प्रतिक्रिया
ईरान ने इस पूरे घटनाक्रम पर सख्त प्रतिक्रिया दी है। विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि-“ अमेरिका को स्पष्ट करना होगा कि वह शांति चाहता है या युद्ध को बढ़ावा दे रहा है। सीजफायर और जंग साथ-साथ नहीं चल सकते।”

