Wednesday, June 17, 2026
Contact: +91 97559 93555
Email: tathyawani@gmail.com
spot_img
Hometrending newsवेदांता प्लांट ब्लास्ट: 21 मौतों के बाद उठे सुरक्षा पर सवाल

वेदांता प्लांट ब्लास्ट: 21 मौतों के बाद उठे सुरक्षा पर सवाल

सक्ती। छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले में स्थित थर्मल पावर प्लांट में हुआ घातक विस्फोट अब सिर्फ एक औद्योगिक हादसा नहीं रहा, बल्कि कॉर्पोरेट जवाबदेही, सेफ्टी कल्चर और सिस्टम फेल्योर पर गंभीर बहस का केंद्र बन गया है। अनिल अग्रवाल की कंपनी पर लापरवाही के आरोप लगातार गहराते जा रहे हैं।

क्या हुआ था उस दिन ?

वेदांता लिमिटेड के पावर प्लांट में अचानक हुए बॉयलर ब्लास्ट ने 21 मजदूरों की जान ले ली, जबकि 14 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हैं। प्रारंभिक जांच के अनुसार, यह हादसा अचानक नहीं था, बल्कि कई तकनीकी चेतावनियों को नजरअंदाज करने का परिणाम था।

तकनीकी रिपोर्ट में क्या खुलासा हुआ?

बता दें बॉयलर निरीक्षण रिपोर्ट और फॉरेंसिक जांच में सामने आया कि बॉयलर फर्नेस में जरूरत से ज्यादा ईंधन जमा हो गया था, जिससे प्रेशर अनियंत्रित तरीके से बढ़ा, फिर अचानक दबाव बढ़ने से पाइपलाइन अपनी जगह से खिसक गई और एक बड़ा विस्फोट हो गया। यह एक “सिस्टमेटिक फेल्योर” का मामला माना जा रहा है, जहां एक के बाद एक सुरक्षा परतें फेल होती चली गईं।

जांच में सबसे चौंकाने वाली बात यह सामने आई कि हादसे से कई घंटे पहले ही खतरे के संकेत मिल चुके थे। जिसमें प्राइमरी एयर (PA) फैन बार-बार खराब हो रहा था, कंट्रोल रूम में सुबह से रेड अलर्ट दिख रहे थे और लॉगबुक में 10:30 बजे पहली बड़ी खराबी दर्ज थी। इसके बावजूद प्लांट को बंद नहीं किया गया और उत्पादन जारी रखा गया। यह “प्रोडक्शन ओवर सेफ्टी” का क्लासिक केस माना जा रहा है।

 

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

ई-पेपर

Bhopal – 14 to 20 june 2026
Bhopal- 31 to 6 June 2026

शासकीय निविदाएं

विज्ञापन