पटना। बिहार की राजनीति में बड़ा बदलाव सामने आया है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए संकेत दिया है कि वे राज्यसभा जाने की तैयारी कर रहे हैं। इसके साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि वे 10 अप्रैल तक मुख्यमंत्री पद पर बने रहेंगे।
सोशल मीडिया पोस्ट में नीतीश कुमार ने लिखा कि पिछले दो दशकों से बिहार की जनता ने उन्हें लगातार विश्वास और समर्थन दिया, जिसकी बदौलत राज्य की सेवा करने का अवसर मिला। उन्होंने कहा कि इसी समर्थन के कारण बिहार आज विकास और सम्मान का नया आयाम प्रस्तुत कर रहा है।
उन्होंने बताया कि संसदीय जीवन की शुरुआत से ही उनकी इच्छा थी कि वे बिहार विधानमंडल के दोनों सदनों के साथ-साथ संसद के दोनों सदनों के भी सदस्य बनें। इसी क्रम में वे इस बार राज्यसभा का सदस्य बनना चाहते हैं। उन्होंने यह भी भरोसा दिलाया कि भविष्य में भी बिहार के विकास के लिए उनका मार्गदर्शन और सहयोग बना रहेगा।

उत्तराधिकारी को लेकर चर्चाएं तेज
नीतीश कुमार के दिल्ली की राजनीति में जाने के संकेत के बाद उनके उत्तराधिकारी को लेकर भी सियासी हलकों में चर्चा तेज हो गई है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, उनके बेटे निशांत कुमार की राजनीति में एंट्री की संभावनाओं पर भी पार्टी के भीतर विचार-विमर्श हो रहा है। हालांकि इस पर आधिकारिक रूप से कोई बयान सामने नहीं आया है।
10 अप्रैल तक सीएम पद पर बने रहेंगे
सूत्रों के अनुसार, राज्यसभा का मौजूदा कार्यकाल 10 अप्रैल तक है, इसलिए इसी तारीख तक नीतीश कुमार मुख्यमंत्री बने रहेंगे। इसके बाद नई सरकार और नए मुख्यमंत्री के नाम को लेकर एनडीए गठबंधन में निर्णय लिया जाएगा।
तेजस्वी यादव का हमला
इस घटनाक्रम पर विपक्ष ने भी निशाना साधा है। राजद नेता तेजस्वी यादव ने कहा कि उन्होंने पहले ही कहा था कि चुनाव के बाद नीतीश कुमार मुख्यमंत्री नहीं रहेंगे। उनके अनुसार यह बीजेपी की रणनीति का हिस्सा है और जनता के साथ विश्वासघात किया जा रहा है।


