भोपाल। राजधानी भोपाल के निजी स्कूल संचालकों की मनमानी फीस और किताबों को एक ही दुकान से लेने की बाध्यता से परेशान अभिभावक भोपाल में सड़कों पर उतर आए। पालक महासंघ के बेनर तले सैकड़ों अभिभावकों ने जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय का घेराव कर जमकर नारेबाजी की। अभिभावकों का कहना है कि राजधानी भोपाल में निजी स्कूल संचालकों पर जिला प्रशासन कोई निगरानी तंत्र बनाएं ताकि वे मनमानी फीस न वसूल सकें।
आंदोलित लोगों का आरोप है कि निजी स्कूल सं फीस, बस चार्ज, किताबों और अन्य शैक्षणिक सामग्री के नाम पर मनमानी वसूली कर रहा है, जबकि शिक्षा विभाग इस पर प्रभावी कार्रवाई करने में असफल साबित हो रहा है।
प्रदर्शन के दौरान पालक महासंघ के प्रतिनिधियों ने डीईओ को ज्ञापन सौंपने का प्रयास किया, लेकिन अधिकारियों द्वारा ज्ञापन लेने से इनकार किए जाने और कार्यालय छोड़कर चले जाने से अभिभावकों का आक्रोश और बढ़ गया।
महासंघ के पदाधिकारियों ने कहा कि निजी स्कूलों की बढ़ती फीस ने गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों पर आर्थिक दबाव बढ़ा दिया है, लेकिन प्रशासन इस गंभीर समस्या पर चुप्पी साधे हुए है।
पालक महासंघ की यह हैं प्रमुख मांगें
-निजी स्कूलों की फीस वृद्धि पर तत्काल रोक लगाई जाए।
-फीस, बस चार्ज और किताबों की कीमतों के लिए पारदर्शी शुल्क प्रणाली (ट्रांसपेरेंट फीस स्ट्रक्चर) लागू हो।
-शिक्षा माफिया के खिलाफ कड़ी कार्रवाई कर दोषी स्कूलों पर भारी जुर्माना लगाया जाए।
-शिक्षा अधिकारियों पर दबाव बनाने वाले तत्वों की जांच कर कार्रवाई की जाए।
राजधानी में शिक्षा माफियाओं की मनमानी से उग्र हुए अभिभवकों ने जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय का किया घेराव


