चेन्नई। भारतीय शतरंज के युवा सितारे आर. प्रज्ञानानंदा ने एक और ऐतिहासिक उपलब्धि अपने नाम कर ली है। नॉर्वे चेस 2026 का प्रतिष्ठित खिताब जीतने वाले पहले भारतीय खिलाड़ी बने प्रज्ञानानंदा को तमिलनाडु सरकार ने विशेष सम्मान दिया है। सोमवार को चेन्नई स्थित मुख्य सचिवालय में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने उन्हें ₹50 लाख की पुरस्कार राशि प्रदान की।
इतिहास में दर्ज हुआ नया अध्याय
नॉर्वे चेस दुनिया के सबसे प्रतिष्ठित शतरंज टूर्नामेंटों में से एक माना जाता है, जहां विश्व के शीर्ष खिलाड़ी हिस्सा लेते हैं। ऐसे मंच पर खिताब जीतकर प्रज्ञानानंदा ने न केवल भारत बल्कि पूरे एशिया का गौरव बढ़ाया है। उनकी इस उपलब्धि को भारतीय शतरंज के लिए एक ऐतिहासिक क्षण माना जा रहा है।
सम्मान समारोह में दिखा खास अंदाज
सम्मान समारोह के दौरान एक दिलचस्प दृश्य भी देखने को मिला। मुख्यमंत्री विजय ने पुरस्कार देने के बाद खुद चेस बोर्ड पर बैठकर प्रज्ञानानंदा के साथ कुछ चालें भी खेलीं। यह पल कार्यक्रम का सबसे चर्चित आकर्षण बन गया और वहां मौजूद लोगों ने तालियों के साथ दोनों का स्वागत किया।
युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा बने प्रज्ञानानंदा
बता दें कम उम्र में विश्व स्तर पर लगातार शानदार प्रदर्शन करने वाले प्रज्ञानानंदा आज लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा बन चुके हैं। उन्होंने कई दिग्गज खिलाड़ियों को हराकर यह साबित किया है कि भारतीय शतरंज अब विश्व मंच पर नई ऊंचाइयों को छू रहा है।
भारत का बढ़ता दबदबा
पिछले कुछ वर्षों में भारत ने शतरंज की दुनिया में तेजी से अपनी पहचान मजबूत की है। विश्वनाथन आनंद के बाद अब प्रज्ञानानंदा, डी गुकेश और अर्जुन एरिगैसी जैसे युवा खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय मंच पर देश का नाम रोशन कर रहे हैं। प्रज्ञानानंदा की यह जीत भारतीय शतरंज के स्वर्णिम भविष्य का संकेत मानी जा रही है।
खेल और प्रतिभा को बढ़ावा देने का संदेश
तमिलनाडु सरकार द्वारा दिया गया यह सम्मान केवल एक खिलाड़ी का सम्मान नहीं, बल्कि खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने का भी संदेश है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे सम्मान युवा खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित करते हैं।

