मऊगंज: नईगढ़ी विकासखंड में ‘जल जीवन मिशन’ के नाम पर जनता के खून-पसीने के 3.85 करोड़ कैसे ठिकाने लगाए गए, इसकी बानगी खटखरी गांव में देखने को मिली। जहां नव-निर्मित पानी की टंकी पहली ही टेस्टिंग में ताश के पत्तों की तरह ढह गई। सामाजिक कार्यकर्ता कुंजबिहारी तिवारी की शिकायत पर 6 महीने तक चली जांच के बाद अब EOW यानी आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो ने PHE के बड़े अधिकारियों और ठेकेदार पर FIR दर्ज कर ली है।
ऑडिट में भ्रष्टाचार की कई परतें खुली
जल जीवन मिशन के तहत मऊगंज जिले के नईगढ़ी विकासखंड में घर-घर साफ पानी पहुंचाने का प्रोजेक्ट पास हुआ। तय शेड्यूल के मुताबिक, यह काम 9 महीने के भीतर पूरा होना था। योजना में पानी की टंकी, पाइपलाइन, पंप हाउस, सबमर्सिबल मोटर और हर घर तक नल कनेक्शन दिया जाना था। लेकिन तय समय बीतने के बाद भी पानी तो नहीं पहुंचा, हां-अफसरों और ठेकेदार की जुगलबंदी से ठेकेदार को 3 करोड़ 85 लाख 900 रुपये का भारी-भरकम भुगतान ज़रूर कर दिया गया। भुगतान पूरा होने के बाद जब जमीनी हकीकत का ऑडिट हुआ, तो भ्रष्टाचार के एक-एक कर कई परतें उधड़ती चली गईं।
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EOW ने इन पर किया केस दर्ज
इओडब्ल्यू ने मामले में तत्कालीन कार्यपालन यंत्री (EE) समेत चार के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। अब EOW की विवेचना यह तय करेगी कि फर्जी भुगतानों की इस काली कमाई में किसकी कितनी हिस्सेदारी थी।

