भोपाल: दीपावली पर पटाखों और आतिशबाजी के दौरान होने वाले हादसों से निपटने के लिए भोपाल के सरकारी अस्पतालों को अलर्ट कर दिया गया है। जलने, आंखों में बारूद या चिंगारी लगने और धुएं के कारण सांस लेने में परेशानी जैसी आपात स्थितियों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने विशेष तैयारियां करने के निर्देश दिए हैं। जेपी अस्पताल में पटाखों से झुलसे मरीजों के इलाज के लिए आठ बिस्तरों का अलग बर्न यूनिट तैयार किया जा रहा है। वहीं हमीदिया अस्पताल और एम्स में भी आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं को तैयार रखने के निर्देश दिए गए हैं।
जेपी अस्पताल में आठ बेड का अलग बर्न यूनिट
जेपी जिला अस्पताल में इस बार पटाखों से झुलसने वाले मरीजों के लिए अलग वार्ड की व्यवस्था की गई है। अस्पताल प्रबंधन ने आठ बिस्तरों का बर्न यूनिट तैयार करने के लिए एक वार्ड चिह्नित किया है। यहां जलने के मरीजों के उपचार के लिए जरूरी दवाएं, ड्रेसिंग किट, एंटीबायोटिक और दर्द निवारक दवाएं उपलब्ध रखने की तैयारी है।
इसके साथ ही डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ की अलग टीम तैनात रहेगी। जरूरत पड़ने पर सर्जरी विभाग के डॉक्टरों की सेवाएं भी ली जा सकेंगी। जेपी अस्पताल के सिविल सर्जन डॉ. संजय कुमार जैन के मुताबिक, पिछले साल दीपावली पर पटाखों और कार्बाइड गन से घायल मरीजों के इलाज के लिए अलग व्यवस्था की कमी महसूस हुई थी। इसी अनुभव को देखते हुए इस बार विशेष बर्न यूनिट तैयार किया जा रहा है।
हमीदिया और एम्स में भी इमरजेंसी सेवाएं तैयार
हमीदिया अस्पताल, गांधी मेडिकल कॉलेज और एम्स में भी जलने, आंखों में चोट और गंभीर रूप से घायल मरीजों के इलाज की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया है। इसके लिए आकस्मिक चिकित्सा इकाई, ऑपरेशन थिएटर और जरूरी चिकित्सा उपकरण तैयार रखने के निर्देश दिए गए हैं।
पटाखों के धुएं से अस्थमा और सांस संबंधी बीमारियों से पीड़ित लोगों की परेशानी बढ़ने की आशंका को देखते हुए मेडिसिन, शिशु रोग और श्वसन रोग विभागों को भी अलर्ट किया गया है। अस्पतालों में ऑक्सीजन सिस्टम, नेबुलाइजर, वेंटिलेटर और जरूरी दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया है।
भोपाल में 40 एंबुलेंस अलर्ट पर
हादसों में घायल लोगों को तत्काल अस्पताल पहुंचाने के लिए 108 एंबुलेंस सेवा को भी तैयार रखा जाएगा। भोपाल में करीब 40 एंबुलेंस अलर्ट पर रखने की तैयारी है। इनमें ऑक्सीजन और जरूरी चिकित्सा उपकरण उपलब्ध रखने के निर्देश दिए गए हैं। अस्पतालों में आपातकालीन ड्यूटी पर तैनात डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ की जानकारी भी प्रदर्शित की जाएगी।
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मुख्यमंत्री ने अस्पतालों की निगरानी के दिए निर्देश
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जिला कलेक्टरों को दीपावली के दौरान पटाखों से होने वाली दुर्घटनाओं की रोकथाम और घायलों के उपचार के लिए अस्पतालों की तैयारियों की निगरानी करने के निर्देश दिए हैं।
उन्होंने जिला अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों के बर्न वार्ड में दवाओं, चिकित्सा उपकरणों और मेडिकल स्टाफ की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा है। इसके अलावा सरकारी और निजी अस्पतालों में भर्ती होने वाले बर्न इंजरी के मरीजों की प्रतिदिन समीक्षा करने के निर्देश भी दिए गए हैं।

