अमरावती। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख मोहन भागवत द्वारा समय-समय पर देशवासियों से अधिक दो से बच्चों के जन्म देने को लेकर दिए गए सुझावों के बीच जनसंख्या को लेकर देश में बहस तेज हो गई है। कई लोगों का मानना है कि बढ़ती महंगाई के दौर में एक बच्चे का पालन-पोषण ही मुश्किल हो गया है, ऐसे में दो या उससे अधिक बच्चों की जिम्मेदारी उठाना आम परिवारों के लिए चुनौती बनता जा रहा है।
इसी बहस के बीच आंध्र प्रदेश सरकार ने गिरती जनसंख्या वृद्धि दर को देखते हुए एक नई जनसंख्या प्रोत्साहन नीति लाने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने विधानसभा में कहा कि राज्य में तीसरे बच्चे के जन्म पर परिवार को आर्थिक प्रोत्साहन दिया जाएगा। प्रस्तावित योजना के तहत तीसरे बच्चे के जन्म पर 25,000 रुपए की सहायता राशि, पांच वर्ष की आयु तक प्रति माह 1,000 रुपए का भत्ता और 18 वर्ष की आयु तक निःशुल्क शिक्षा उपलब्ध कराई जाएगी।
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में कुल प्रजनन दर (टीएफआर) वर्ष 1993 में 3.0 थी, जो अब घटकर 1.5 रह गई है। यह गिरावट भविष्य में आर्थिक विकास के लिए चुनौती बन सकती है, क्योंकि इससे युवा कार्यबल की संख्या कम हो रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि यही स्थिति बनी रही तो राज्य को जापान, दक्षिण कोरिया और इटली जैसे देशों की तरह वृद्ध होती आबादी की समस्या का सामना करना पड़ सकता है।
सरकार के आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2023 में राज्य में लगभग 6.70 लाख जन्म दर्ज किए गए। विशेषज्ञों का अनुमान है कि मौजूदा रुझान जारी रहा तो वर्ष 2047 तक बुजुर्ग आबादी का अनुपात करीब 23 प्रतिशत तक पहुंच सकता है, जो आर्थिक विकास की गति को प्रभावित कर सकता है।
पांच चरणों वाला जीवन चक्र तंत्र
प्रस्तावित नीति के तहत सरकार मातृत्व, शक्ति, नैपुण्यम, क्षेम और संजीवनी नाम से पांच चरणों वाला जीवन चक्र तंत्र शुरू करने जा रही है। इसके अंतर्गत महिलाओं की सहायता के लिए मातृत्व उत्कृष्टता केंद्र स्थापित किए जाएंगे, जहां इन-विट्रो फर्टिलाइजेशन (आईवीएफ) यानी कृत्रिम गर्भाधान सेवाएं भी उपलब्ध होंगी। इसके अलावा प्रत्येक 50 बच्चों पर बाल देखभाल केंद्र, महिलाओं के लिए पिंक शौचालय और कामकाजी महिलाओं के लिए विशाखापत्तनम में करीब 172 करोड़ रुपये की लागत से विशाल छात्रावास बनाया जाएगा।
तीसरे बच्चे पर विशेष पैकेज
सरकार ने पोषण-शिक्षा-सुरक्षा पैकेज के तहत तीसरे बच्चे के जन्म को प्रोत्साहित करने का निर्णय लिया है।
-तीसरे बच्चे के जन्म पर 25,000रुपए की आर्थिक सहायता
-पांच वर्ष तक प्रति माह 1,000रुपए का भत्ता
-18 वर्ष की आयु तक निःशुल्क शिक्षा
इसके साथ ही माता को 12 महीने का मातृत्व अवकाश और पिता को दो महीने का पितृत्व अवकाश देने का प्रस्ताव है। हर महीने के चौथे शनिवार को जनसंख्या देखभाल विषय पर विशेष कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे।
स्थानीय चुनाव में भी राहत
राज्य की गठबंधन सरकार पहले ही यह व्यवस्था कर चुकी है कि दो से अधिक बच्चों वाले लोग भी स्थानीय निकाय चुनाव लड़ सकेंगे। वहीं तल्लीकी वंदनम योजना के तहत बच्चों की संख्या की सीमा हटाकर आर्थिक सहायता दी जा रही है। महिलाओं की सुरक्षा के लिए शी कैब सेवा शुरू करने और 175 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में विशेष क्लीनिक चलाने की भी योजना है। सरकार का कहना है कि इस नई नीति का उद्देश्य राज्य को भविष्य में संभावित जनसांख्यिकीय संकट से बचाना और आर्थिक विकास के लिए पर्याप्त युवा कार्यबल सुनिश्चित करना है।
तीसरे बच्चे पर 25 हजार रुपए का प्रोत्साहन, आंध्र प्रदेश सरकार की नई जनसंख्या नीति, शिक्षा और भत्ते की भी घोषणा


