भोपाल: मध्यप्रदेश में निवेश, रोजगार और छोटे उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए 22 और 23 अक्टूबर को भोपाल में ‘विकसित भारत उद्योग व्यापार सम्मेलन 2026’ होगा। इसमें 10 से 15 राज्यों के करीब 400 उद्योगपति और कारोबारी प्रतिनिधि शामिल होंगे। रूस, जर्मनी और ब्रिटेन समेत अन्य देशों के प्रतिनिधियों की भागीदारी भी प्रस्तावित है। सम्मेलन में तैयार भोपाल डिक्लेरेशन मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को सौंपा जाएगा।
फेडरेशन ऑफ मध्यप्रदेश चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री की ओर से आयोजित सम्मेलन का उद्घाटन 22 अक्टूबर को सुबह 11 बजे कुशाभाऊ ठाकरे अंतरराष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर में होगा। उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा कार्यक्रम की अध्यक्षता करेंगे, जबकि एमएसएमई मंत्री चैतन्य काश्यप विशिष्ट अतिथि होंगे। दूसरे दिन के कार्यक्रम एनराइज बाय सयाजी में होंगे।
भोपाल डिक्लेरेशन में होंगे नीतिगत सुझाव
भोपाल डिक्लेरेशन में एमएसएमई की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता बढ़ाने, निवेश आकर्षित करने, रोजगार सृजन, निर्यात और तकनीकी उन्नयन से जुड़े सुझाव शामिल होंगे। फेडरेशन इन सुझावों को केंद्र सरकार और संबंधित मंत्रालयों तक पहुंचाने के लिए मुख्यमंत्री से पहल करने का अनुरोध करेगा।
निर्यात और नई तकनीकों पर मंथन
पहले दिन वित्तीय सहायता, बाजार तक पहुंच, निर्यात, विनिर्माण, निवेश और कारोबार में सुगमता पर चर्चा होगी। एआई, रोबोटिक्स और इंडस्ट्री 4.0 जैसी तकनीकों को अपनाने, आपूर्ति शृंखला मजबूत करने और अंतरराज्यीय व्यापार बढ़ाने पर भी विचार होगा।
पर्यटन, खाद्य प्रसंस्करण और ऊर्जा पर सत्र
23 अक्टूबर को पर्यटन एवं आतिथ्य, कृषि एवं खाद्य प्रसंस्करण, एमएसएमई के लिए ऋण और ऊर्जा क्षेत्र की संभावनाओं पर सत्र होंगे। इनमें मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड, सिडबी और बीएचईएल के प्रतिनिधि शामिल होंगे। ‘मेक इन एमपी’ प्रदर्शनी में प्रदेश की संस्कृति, शिल्प, उद्यमिता और नवाचार प्रदर्शित किए जाएंगे।
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स्वर्ण जयंती वर्ष में आयोजन
फेडरेशन के अध्यक्ष हिमांशु खरे ने बताया कि संगठन 1975 से उद्योग-व्यापार जगत के हितों के लिए काम कर रहा है। स्वर्ण जयंती वर्ष में आयोजित सम्मेलन का उद्देश्य विभिन्न राज्यों के उद्योग संगठनों को एक मंच पर लाकर कारोबारी साझेदारी बढ़ाना और विकसित भारत 2047 के लक्ष्य में उद्योग जगत की भागीदारी मजबूत करना है।

