कोलकाता। पश्चिम बंगाल में नई BJP सरकार के गठन के साथ ही मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने प्रशासनिक टीम को लेकर बड़े फैसले लेने शुरू कर दिए हैं। शपथ ग्रहण के कुछ ही घंटों बाद 2017 बैच के IAS अधिकारी शांतनु बाला को मुख्यमंत्री का निजी सचिव नियुक्त कर दिया गया। राज्य सरकार की ओर से देर रात जारी अधिसूचना के बाद राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में इस नियुक्ति की चर्चा तेज हो गई है।
कौन हैं IAS शांतनु बाला?
जानकारी अनुसार, IAS शांतनु बाला पश्चिम बंगाल कैडर के तेज-तर्रार और टेक्नोक्रेट अफसरों में गिने जाते हैं। उनका जन्म 16 नवंबर 1988 को हुआ था। उन्होंने बायोटेक्नोलॉजी में B.Tech और M.Tech की पढ़ाई की है। टेक्निकल बैकग्राउंड होने की वजह से उन्हें डेटा बेस्ड गवर्नेंस और एडमिनिस्ट्रेटिव मैनेजमेंट में मजबूत अधिकारी माना जाता है।
फिलहाल वह दक्षिण 24 परगना जिले में अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी (ADM) के पद पर कार्यरत थे। इससे पहले वह मुर्शिदाबाद और कूचबिहार जैसे अहम जिलों में भी प्रशासनिक जिम्मेदारियां संभाल चुके हैं।
शुभेंदु सरकार का ‘Fast Action Mode’ शुरू
बता दें मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद शुभेंदु अधिकारी लगातार प्रशासनिक ढांचे को मजबूत करने में जुटे हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि शांतनु बाला की नियुक्ति यह संकेत देती है कि नई सरकार टेक्नोलॉजी, मॉनिटरिंग और तेज फैसलों पर फोकस करने वाली है। सूत्रों के मुताबिक मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) में जल्द ही कई और अहम नियुक्तियां भी हो सकती हैं।
रिटायर्ड IAS सुब्रता गुप्ता बने CM के सलाहकार
नई सरकार ने अनुभवी प्रशासनिक चेहरों को भी बड़ी जिम्मेदारी दी है। रिटायर्ड IAS अधिकारी सुब्रता गुप्ता को मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी का सलाहकार नियुक्त किया गया है। सुब्रता गुप्ता वही अधिकारी हैं जिन्हें पश्चिम बंगाल चुनाव के दौरान चुनाव आयोग ने स्पेशल ऑब्जर्वर बनाया था। प्रशासनिक अनुभव और चुनावी प्रबंधन में उनकी पकड़ को देखते हुए उन्हें यह अहम भूमिका दी गई है।
बंगाल में पहली बार BJP सरकार
पश्चिम बंगाल की राजनीति में पहली बार BJP ने पूर्ण बहुमत के साथ सरकार बनाई है। 294 सीटों वाली विधानसभा में पार्टी ने 207 सीटों पर जीत दर्ज कर इतिहास रच दिया। अब सभी की नजर इस बात पर है कि शुभेंदु अधिकारी की सरकार प्रशासनिक स्तर पर किस तरह बदलाव लाती है और किन अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां मिलती हैं।

