भोपाल। पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने देश में बढ़ती महंगाई, पेट्रोल-डीजल की कीमतों और आर्थिक संकट को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि मौजूदा आर्थिक हालात केवल अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों का परिणाम नहीं हैं, बल्कि केंद्र की नीतिगत विफलताओं और नेतृत्व के अभाव का नतीजा भी हैं।
सोशल मीडिया पर शनिवार सुबह जारी बयान में दिग्विजय सिंह ने कहा कि मोदी सरकार की दूरदर्शिता की कमी और आर्थिक प्रबंधन में अक्षमता के कारण आम जनता पर महंगाई का लगातार बोझ बढ़ता जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की बढ़ती कीमतों ने किसानों, उद्योगों और मध्यम वर्गीय परिवारों की कमर तोड़ दी है।
पूर्व मुख्यमंत्री ने पश्चिम एशिया में जारी युद्ध और वैश्विक ईंधन संकट का हवाला देते हुए कहा कि जब हालात बिगड़ने शुरू हुए, तब सरकार ‘सब चंगा सी’ का संदेश देती रही और विपक्ष द्वारा उठाए गए सवालों को नजरअंदाज किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाने के कारण अब देश आर्थिक दबाव झेल रहा है।
केंद्र सरकार से पूछे दो सवाल
दिग्विजय सिंह ने केंद्र सरकार से दो अहम सवाल पूछते हुए कहा कि मार्च में रूस से तेल खरीद को लेकर भारत को सीमित समय मिला था, फिर सरकार देश को ऐसी स्थिति में क्यों ले आई जहां अंतरराष्ट्रीय अनुमति की जरूरत पड़ रही है। उन्होंने दूसरा सवाल उठाते हुए कहा कि जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें कम थीं, तब सरकार ने टैक्स के जरिए दस वर्षों में करीब 43 लाख करोड़ रुपए वसूले, लेकिन अब महंगाई के दौर में जनता को राहत देने के बजाय अतिरिक्त बोझ डाला जा रहा है।

