बड़वानी। बड़वानी जिले के जनजातीय अंचल में सामाजिक बदलाव की एक नई तस्वीर सामने आई है, जहां पुलिस प्रशासन ने केवल कानून व्यवस्था तक सीमित न रहकर समाज सुधार की जिम्मेदारी भी उठाई। पुलिस अधीक्षक पद्म विलोचन शुक्ल स्वयं एक आदिवासी परिवार के विवाह समारोह में पहुंचे और 3-डी मुक्त विवाह अभियान को जनआंदोलन का रूप देने का संदेश दिया।
जिले में चलाए जा रहे इस अभियान का उद्देश्य विवाह समारोहों से दारू, दहेज और डीजे जैसी कुरीतियों को समाप्त करना है। ग्राम जुनापानी निवासी रामा नरगावे ने पुलिस के जनसंवाद कार्यक्रम से प्रेरित होकर अपने तीनों बच्चों के विवाह बिना दहेज, डीजे और शराब के संपन्न कर समाज के सामने उदाहरण पेश किया।
17 मई को आयोजित इस सामूहिक विवाह समारोह में पुलिस अधीक्षक ने नवविवाहितों को शुभकामनाएं और उपहार दिए, वहीं परिवार को शॉल-श्रीफल भेंट कर सम्मानित किया। समारोह में मौजूद जनजातीय समाज के लोगों ने भी भविष्य में सादगीपूर्ण और कुरीति मुक्त विवाह करने का सामूहिक संकल्प लिया। पुलिस प्रशासन की इस पहल ने यह संदेश देने की कोशिश की कि सामाजिक परिवर्तन केवल सरकारी योजनाओं से नहीं, बल्कि समाज और प्रशासन की साझी भागीदारी से संभव है।

