इंदौर: जिले में 15 नवंबर को होने वाले पंजाबी सिंगर दिलजीत दोसांझ के कॉन्सर्ट को लेकर प्रशासन ने निर्देश जारी किए हैं। कार्यक्रम में चार गानों पर रोक लगाने को कहा गया है। जिला बाल संरक्षण अधिकारी ने C-21 मॉल प्रबंधन को पत्र लिखकर इन गानों को नहीं गाने देने के निर्देश दिए हैं।
बाल संरक्षण विभाग ने कुछ गानों के बोल पर आपत्ति जताई
दरअसल, दिलजीत दोसांझ का कॉन्सर्ट 15 नवंबर को इंदौर में आयोजित होना है। इससे पहले जिला बाल संरक्षण विभाग ने कुछ गानों के बोल पर आपत्ति जताई है। विभाग का मानना है कि इन गानों में शराब, नशे और हथियारों से जुड़े शब्दों का इस्तेमाल बच्चों पर गलत प्रभाव डाल सकता है।
इसी को देखते हुए जिला बाल संरक्षण अधिकारी ने C-21 मॉल प्रबंधन को पत्र भेजकर चार गानों को कार्यक्रम में नहीं गाने देने के निर्देश दिए हैं।
चार गानों पर रोक के निर्देश
जिन गानों पर रोक लगाने के निर्देश दिए गए हैं, उनमें ‘पटियाला पैग’, ‘5 तारा ठेके’, ‘जेब विचों अफीम लभिया’ और ‘जट्ट उत्थे फायर करदा जित्थे पाबंदी हथियार दी’ शामिल हैं। महिला एवं बाल विकास विभाग ने 6 नवंबर को जारी पत्र में पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट के 22 जुलाई 2019 के आदेश का हवाला दिया है।
प्रोफेसर डॉ. पंडितराव धारेनावर ने आपत्ति जताई थी
दरअसल, चंडीगढ़ के प्रोफेसर डॉ. पंडितराव धारेनावर ने इन गानों पर आपत्ति जताते हुए शिकायत की थी। उन्होंने बच्चों को मंच पर नहीं बुलाने, दिलजीत को कारतूस वाली बेल्ट पहनने से रोकने और गानों के बोल बदलकर भी नहीं गाने देने की मांग की थी।
विभाग ने पत्र में बताया है कि कॉन्सर्ट में 5 साल से अधिक उम्र के बच्चों को भी एंट्री मिलेगी। वहीं, कार्यक्रम से पहले इंदौर के तीन निजी स्कूलों और महापौर कार्यालय को बम धमाके की धमकी वाले ई-मेल भी मिल चुके हैं।
बच्चों की एंट्री के चलते गानों के बोल को लेकर चिंता जताई
विभाग ने पत्र में बताया है कि कॉन्सर्ट में 5 साल से अधिक उम्र के बच्चों को भी प्रवेश दिया जाएगा। इसी वजह से गानों के बोल को लेकर चिंता जताई गई है। पत्र की कॉपी कलेक्टर, विजय नगर के अनुविभागीय अधिकारी, महिला एवं बाल विकास विभाग के संयुक्त संचालक और विजय नगर थाना प्रभारी को भी भेजी गई है।
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कारतूस बेल्ट पर भी आपत्ति
प्रोफेसर धारेनावर ने अपनी शिकायत में चार गानों के अलावा दो और मांगें रखी थीं। उन्होंने कॉन्सर्ट के दौरान बच्चों को मंच पर नहीं बुलाने और दिलजीत को कारतूस वाली बेल्ट पहनने से रोकने की मांग की थी।
साथ ही कहा था कि इन गानों के बोल बदलकर भी नहीं गाए जाने चाहिए। उन्होंने हाईकोर्ट के पुराने आदेश का हवाला देते हुए प्रशासन से इन मांगों पर कार्रवाई करने की अपील की थी।

