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ट्विशा शर्मा केस में बड़ा मोड़: कोर्ट ने दोबारा पोस्टमार्टम से किया इनकार

भोपाल। मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल के चर्चित ट्विशा शर्मा संदिग्ध मौत मामले में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाते हुए दिल्ली AIIMS में दोबारा पोस्टमार्टम कराने की मांग खारिज कर दी है। सेवानिवृत्त जज की बहू ट्विशा शर्मा की मौत को लेकर पहले से ही प्रदेशभर में चर्चा तेज थी, लेकिन अब कोर्ट के इस फैसले ने मामले को नया मोड़ दे दिया है।

अदालत ने साफ कहा है कि उपलब्ध साक्ष्यों और केस डायरी के आधार पर दोबारा पोस्टमार्टम की कानूनी आवश्यकता नहीं बनती। हालांकि कोर्ट ने परिवार को यह छूट दी है कि वे चाहें तो पार्थिव शरीर को मध्यप्रदेश में किसी भी सुरक्षित शवगृह में प्रिजर्व कर सकते हैं।

8 दिन से मॉर्चुरी में रखा शव

बता दें ट्विशा का शव पिछले 8 दिनों से भोपाल AIIMS की मॉर्चुरी में रखा हुआ है। लेकिन अब सबसे बड़ी चुनौती शव को सुरक्षित रखने की है। जानकारी के मुताबिक AIIMS ने स्पष्ट किया है कि लंबे समय तक शव को सुरक्षित रखने के लिए माइनस 80 डिग्री तापमान जरूरी होता है, जबकि भोपाल में ऐसी अत्याधुनिक सुविधा उपलब्ध नहीं है।

फिलहाल शव माइनस 4 डिग्री तापमान में रखा गया है, जिससे परिवार की चिंता लगातार बढ़ती जा रही है। कोर्ट के फैसले के बाद अब परिजनों के सामने सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर शव को कब और कहां तक सुरक्षित रखा जा सकेगा।

परिजनों ने लगाए गंभीर आरोप

वहीं ट्विशा के मायके पक्ष और उनके वकील अंकुर पांडे का आरोप है कि पहली पोस्टमार्टम रिपोर्ट में कई अहम तथ्यों को नजरअंदाज किया गया। परिवार का कहना है कि ट्विशा के शरीर पर चोट के निशान थे, लेकिन रिपोर्ट में उनका स्पष्ट उल्लेख नहीं किया गया।

परिजनों ने यह भी सवाल उठाया कि जिस फंदे या वस्तु से ट्विशा लटकी मिली थीं, उसका विवरण भी रिपोर्ट में शामिल नहीं किया गया। परिवार को आशंका है कि मामले में प्रभावशाली लोगों के कारण जांच प्रभावित हो सकती है।

CM मोहन यादव से भी मिला था परिवार

मामले की गंभीरता को देखते हुए ट्विशा के परिजन मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से भी मिले थे। मुख्यमंत्री ने परिवार को भरोसा दिलाया था कि यदि जरूरत पड़ी तो CBI जांच की सिफारिश की जाएगी। साथ ही दिल्ली AIIMS तक पार्थिव शरीर पहुंचाने के लिए सरकारी मदद देने की बात भी कही गई थी।

हालांकि मुख्यमंत्री ने उसी दौरान यह भी स्पष्ट कर दिया था कि दोबारा पोस्टमार्टम कराने का अंतिम अधिकार अदालत के पास ही है। अब कोर्ट के फैसले के बाद परिवार की उम्मीदों को बड़ा झटका लगा है।

फरार पति और सास पर बढ़ा दबाव

इस पूरे मामले में ट्विशा के पति समर्थ सिंह और सास गिरीबाला सिंह पर पहले से गंभीर सवाल उठ रहे हैं। पुलिस की SIT जांच जारी है और कटारा हिल्स थाना पुलिस ने समर्थ सिंह को 23 मई को पेश होने के निर्देश दिए हैं।

सूत्रों के मुताबिक यदि वह पेश नहीं होते हैं तो पासपोर्ट निरस्तीकरण की कार्रवाई भी की जा सकती है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस पर निष्पक्ष और सख्त कार्रवाई का दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है।

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