श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर में सक्रिय आतंकवादी नेटवर्क के खिलाफ सुरक्षा एजेंसियों को बड़ी कामयाबी मिली है। प्रतिबंधित आतंकी संगठन Al-Badr के शीर्ष कमांडरों में शामिल अरजमंद गुलजार उर्फ बुरहान हमजा के मारे जाने की खबर सामने आई है। सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक वह लंबे समय से पाकिस्तान से बैठकर भारत विरोधी गतिविधियों को संचालित कर रहा था और दक्षिण कश्मीर में आतंक फैलाने, युवाओं को कट्टरपंथ की ओर धकेलने और आतंकी भर्ती कराने में सक्रिय भूमिका निभा रहा था।
ऐसे बना आतंकी कमांडर
जानकारी के अनुसार, अरजमंद गुलजार जम्मू-कश्मीर के पुलवामा जिले के रत्नीपोरा इलाके का रहने वाला था। करीब सात साल पहले वह वैध दस्तावेजों के जरिए पाकिस्तान पहुंचा, जहां उसने प्रतिबंधित आतंकी संगठन Al-Badr जॉइन कर लिया। धीरे-धीरे वह संगठन का ऑपरेशनल कमांडर बन गया और पाकिस्तान से बैठकर कश्मीर में हथियार सप्लाई, फंडिंग और आतंकी मॉड्यूल को ऑपरेट करने लगा।
2022 में भारत सरकार ने घोषित किया था आतंकवादी
बता दें भारत सरकार के गृह मंत्रालय ने 19 अप्रैल 2022 को UAPA के तहत अरजमंद गुलजार को आधिकारिक रूप से आतंकवादी घोषित किया था। सरकारी रिकॉर्ड के मुताबिक वह दक्षिण कश्मीर में युवाओं को आतंकी संगठनों में शामिल कराने, ओवरग्राउंड वर्कर्स (OGWs) के नेटवर्क के जरिए हथियार पहुंचाने और आतंकवादी गतिविधियों के लिए आर्थिक मदद जुटाने में शामिल था।
ग्रेनेड हमलों और विस्फोटक मामलों से भी जुड़ा नाम
सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, अरजमंद गुलजार का नाम पुलवामा और अवंतीपोरा क्षेत्र में विस्फोटकों की बरामदगी, आतंकी फंडिंग और CRPF जवानों पर हुए ग्रेनेड हमलों से भी जुड़ा पाया गया था। जांच एजेंसियों का दावा है कि वह सोशल मीडिया और डिजिटल नेटवर्किंग के जरिए युवाओं को कट्टरपंथ के लिए उकसाता था।
डिजिटल कट्टरपंथ मॉडल का हिस्सा था गुलजार
सुरक्षा एजेंसियां अरजमंद गुलजार को उस नए आतंकी मॉडल का हिस्सा मानती हैं, जिसमें सोशल मीडिया के जरिए युवाओं को भड़काया जाता है। माना जा रहा है कि वह दक्षिण कश्मीर में सक्रिय आतंकी नेटवर्क का बड़ा चेहरा था और पाकिस्तान से लगातार निर्देश जारी कर रहा था।
सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट मोड पर
अरजमंद गुलजार के मारे जाने के बाद घाटी में सुरक्षा व्यवस्था और सख्त कर दी गई है। एजेंसियां अब उसके नेटवर्क से जुड़े अन्य आतंकियों और ओवरग्राउंड वर्कर्स की पहचान में जुटी हैं। माना जा रहा है कि इस कार्रवाई से दक्षिण कश्मीर में सक्रिय आतंकी मॉड्यूल को बड़ा झटका लगा है।

