भोपाल। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को संबोधित एक खुले पत्र के जरिए प्रदेश के विभिन्न जनहित मुद्दों पर जवाब मांगा है। हाल के राजनीतिक बयानबाजी के बीच लिखे गए इस पत्र में पटवारी ने व्यक्तिगत टिप्पणियों से इतर जनता की समस्याओं को प्रमुखता देते हुए सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं।
पटवारी ने पत्र में कहा कि यदि उन्हें आलोचना या अपशब्दों का सामना करना पड़ता है तो इससे उन्हें कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन प्रदेश की जनता जिन समस्याओं से जूझ रही है, उन पर सरकार को जवाब देना ही होगा। उन्होंने कहा कि विपक्ष का दायित्व जनता की आवाज को उठाना है और वह इसी जिम्मेदारी का निर्वहन कर रहे हैं।
जीतू पटवारी ने किसानों की बदहाली, बढ़ती बेरोजगारी, ओबीसी आरक्षण, पेपर लीक, नर्सिंग घोटाला, महिलाओं की सुरक्षा, आदिवासी क्षेत्रों की समस्याएं, महंगाई, भ्रष्टाचार, स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति और सरकारी भर्तियों में देरी जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। इसके अलावा उन्होंने बढ़ते अपराध, माफिया गतिविधियों, दलित अत्याचार, कुपोषण, बिजली संकट और छोटे व्यापारियों की आर्थिक परेशानियों को भी सरकार के सामने रखा।
पटवारी ने आरोप लगाया कि प्रदेश में घोषणाओं और जमीनी हकीकत के बीच बड़ा अंतर दिखाई देता है। उन्होंने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप से ऊपर उठकर जनता की समस्याओं के समाधान पर ध्यान केंद्रित किया जाए। साथ ही उन्होंने कर्ज, कमीशन और भ्रष्टाचार की संस्कृति को समाप्त करने की आवश्यकता भी बताई।
अपने पत्र के अंत में पटवारी ने विश्वास जताया कि प्रदेश की जनता सब कुछ देख और समझ रही है तथा भविष्य में अपना निर्णय देगी। उन्होंने दावा किया कि वर्ष 2028 में मध्यप्रदेश में ऐसी सरकार बनेगी जो जवाबदेही, संवेदनशीलता और जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देगी।

