उत्तराखंड। विश्व प्रसिद्ध चारधाम यात्रा 2026 इस बार नए रिकॉर्ड की ओर तेजी से बढ़ रही है। यात्रा शुरू होने के महज 55 दिनों के भीतर 31 लाख 5 हजार से अधिक श्रद्धालु चारों धामों के दर्शन कर चुके हैं। लगातार बढ़ रही श्रद्धालुओं की संख्या ने पिछले वर्ष के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ने की मजबूत संभावना पैदा कर दी है।
आंकड़ों के अनुसार, अब तक केदारनाथ धाम में सबसे अधिक 11 लाख 5 हजार 676 श्रद्धालुओं ने दर्शन किए हैं। वहीं बद्रीनाथ धाम में 9 लाख 8 हजार 619, गंगोत्री धाम में 5 लाख 28 हजार 406 और यमुनोत्री धाम में 5 लाख 7 हजार 421 श्रद्धालु पहुंच चुके हैं। चारधाम यात्रा की शुरुआत 19 अप्रैल को हुई थी और शुरुआत से ही श्रद्धालुओं का उत्साह देखने को मिल रहा है।
बता दें पिछले वर्ष 2025 में लगभग 51 लाख श्रद्धालुओं ने चारधाम यात्रा की थी। इस बार केवल 55 दिनों में 31 लाख से अधिक यात्रियों के पहुंचने से यह अनुमान लगाया जा रहा है कि यात्रा समाप्त होने तक नया रिकॉर्ड बन सकता है।
वहीं श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए हैं। यात्रा मार्गों और धामों में सीसीटीवी कैमरे, ड्रोन निगरानी और अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं। हालांकि भारी भीड़ के कारण केदारनाथ और बद्रीनाथ मार्गों पर कई स्थानों पर ट्रैफिक जाम की स्थिति भी बन रही है।
चारधाम यात्रा का सकारात्मक असर स्थानीय अर्थव्यवस्था पर भी दिखाई दे रहा है। होटल व्यवसाय, रेस्टोरेंट, ढाबे, टैक्सी सेवाएं, घोड़ा-खच्चर संचालक और स्थानीय व्यापारियों को इसका सीधा लाभ मिल रहा है। बड़ी संख्या में आने वाले श्रद्धालुओं से पर्यटन और रोजगार के अवसर भी बढ़े हैं।
चारधाम यात्रा उत्तराखंड की अर्थव्यवस्था की रीढ़ मानी जाती है। हर साल लगभग छह महीने तक चलने वाली यह यात्रा प्रदेश के लाखों लोगों की आजीविका का प्रमुख आधार है। बेहतर सड़कें, आधुनिक सुविधाएं और मजबूत व्यवस्थाएं श्रद्धालुओं के अनुभव को और बेहतर बना रही हैं। कठिन यात्रा और लंबी प्रतीक्षा के बावजूद श्रद्धालुओं की आस्था में कोई कमी नहीं दिखाई दे रही है।

