पांच दिवसीय मानसून सत्र में यूसीसी, कोचिंग रेग्यूलेशन और सिंहस्थ-2028 से जुड़े प्रस्तावों पर भी रहेगी नजर
भोपाल। मप्र विधानसभा का मानसून सत्र 20 जुलाई से शुरू होकर 24 जुलाई तक चलेगा। पांच दिवसीय इस सत्र में राज्य सरकार वित्तीय वर्ष 2026-27 का पहला अनुपूरक बजट पेश करेगी। इसके साथ ही पंचायत, ग्रामीण विकास तथा नगरीय विकास एवं आवास विभाग से जुड़े कई महत्वपूर्ण संशोधन विधेयक भी सदन में प्रस्तुत किए जाएंगे।
सूत्रों के अनुसार मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 20 से 24 जुलाई तक मानसून सत्र आयोजित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। सत्र के दौरान स्वामित्व योजना के तहत 48 लाख से अधिक हितग्राहियों को आवास एवं भूखंडों के स्वामित्व अधिकार देने के लिए निश्शुल्क रजिस्ट्री संबंधी प्रावधानों को कानूनी मान्यता प्रदान करने हेतु मध्य प्रदेश पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज अधिनियम तथा उपकर अधिनियम में संशोधन प्रस्तावित हैं।
अहम विधेयकों पर रहेगी नजर
सरकार सिंहस्थ-2028 की तैयारियों को ध्यान में रखते हुए मेला अधिनियम में संशोधन, छह श्रम कानूनों को समाहित करने वाले एकीकृत श्रम कानून तथा कोचिंग रेग्यूलेशन बिल को भी सदन में ला सकती है। इन प्रस्तावों को राज्य की प्रशासनिक और विकासात्मक प्राथमिकताओं से जोड़कर देखा जा रहा है।
यूसीसी पर भी बन सकता है माहौल
मानसून सत्र में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) विधेयक पेश किए जाने की संभावनाओं पर भी राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों की नजर टिकी हुई है। हालांकि इस संबंध में अंतिम निर्णय तैयारियों और अध्ययन प्रक्रिया पर निर्भर करेगा। फिलहाल सरकार की ओर से जनसुनवाई की प्रक्रिया जारी है तथा 15 जून तक सुझाव आमंत्रित किए गए हैं। आवश्यकता पड़ने पर यह अवधि बढ़ाई भी जा सकती है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि यूसीसी जैसे व्यापक प्रभाव वाले विषय पर सभी सामाजिक, कानूनी और प्रशासनिक पहलुओं का गंभीर अध्ययन किया जाए। सामान्य प्रशासन विभाग को अब तक करीब 2,500 ऑनलाइन सुझाव प्राप्त हो चुके हैं, जिनका परीक्षण समिति द्वारा किया जाएगा। समिति की अनुशंसा और वरिष्ठ सचिव स्तर की समीक्षा के बाद ही विधेयक को अंतिम रूप देकर विधानसभा में प्रस्तुत किया जाएगा।

