ग्वालियर/श्योपुर। मध्य प्रदेश के बहुचर्चित कूनो नेशनल पार्क में शनिवार को एक ऐतिहासिक पल देखने को मिलेगा। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू पहली बार कूनो नेशनल पार्क का दौरा करेंगी और देश की महत्वाकांक्षी चीता पुनर्स्थापन परियोजना की प्रगति का जायजा लेंगी। राष्ट्रपति के इस दौरे को लेकर प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह अलर्ट मोड पर हैं।
जानकारी के अनुसार, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू दोपहर में ग्वालियर पहुंचेंगी और वहां से हेलीकॉप्टर के माध्यम से श्योपुर स्थित कूनो नेशनल पार्क के लिए रवाना होंगी। वे कूनो में रात्रि विश्राम भी करेंगी और 22 जून तक निर्धारित कार्यक्रमों में भाग लेंगी।
चीता परियोजना पर विशेष फोकस
दौरे के दौरान राष्ट्रपति कूनो में चल रही चीता पुनर्स्थापन परियोजना की विस्तृत समीक्षा करेंगी। उन्हें परियोजना की उपलब्धियों, चुनौतियों और भविष्य की कार्ययोजना की जानकारी दी जाएगी। साथ ही वे मादा चीता ज्वाला और मुखी के शावकों को भी देखेंगी, जो इस परियोजना की महत्वपूर्ण उपलब्धियों में शामिल हैं।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम
राष्ट्रपति के दौरे को देखते हुए कूनो और आसपास के क्षेत्रों में अभूतपूर्व सुरक्षा व्यवस्था की गई है। करीब 1300 पुलिसकर्मी और सुरक्षा बलों के जवान तैनात किए गए हैं। इसके अलावा अन्य जिलों से अतिरिक्त पुलिस बल भी बुलाया गया है। पूरे क्षेत्र में हाई अलर्ट जारी है और हर गतिविधि पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है।
तीन प्रवेश द्वार अस्थायी रूप से बंद
सुरक्षा कारणों से कूनो नेशनल पार्क के तीन प्रमुख प्रवेश द्वारों को अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है। पार्क परिसर और आसपास के क्षेत्रों में विशेष चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है। राष्ट्रपति के रूट और कार्यक्रम स्थलों पर बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई है।
श्योपुर को मिलेगी नई पहचान
राज्य सरकार ने राष्ट्रपति की अगवानी और विदाई के लिए विशेष व्यवस्थाएं की हैं। प्रशासनिक अधिकारियों का मानना है कि राष्ट्रपति का यह दौरा न केवल कूनो चीता परियोजना को नई ऊर्जा देगा, बल्कि श्योपुर जिले को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान भी दिलाएगा।

