नई दिल्ली। सोना और चांदी खरीदने की योजना बना रहे लोगों के लिए बड़ी राहत की खबर है। लगातार रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचने के बाद अब कीमती धातुओं की कीमतों में तेज गिरावट देखने को मिल रही है। मंगलवार को सर्राफा बाजार में सोने और चांदी दोनों के दामों में भारी गिरावट दर्ज की गई, जिससे निवेशकों और ज्वेलरी खरीदारों की नजरें बाजार पर टिक गई हैं।
इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, चांदी की कीमत में एक ही दिन में ₹5,448 प्रति किलो की गिरावट आई है, जबकि पिछले दो दिनों में चांदी करीब ₹16,000 तक सस्ती हो चुकी है। वहीं सोना भी लगातार दबाव में है और 24 कैरेट गोल्ड की कीमत ₹1.42 लाख प्रति 10 ग्राम के स्तर पर पहुंच गई है।
चांदी में सबसे बड़ी गिरावट
बता दें कीमतों में आई तेज कमजोरी के बाद 1 किलो चांदी का भाव घटकर करीब ₹2.22 लाख रह गया है। महज दो दिनों के भीतर चांदी की कीमत में लगभग ₹16 हजार की गिरावट दर्ज की गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कमजोरी और मुनाफावसूली के चलते चांदी पर दबाव बना हुआ है।
सोना भी हुआ सस्ता
वहीं 24 कैरेट सोने की कीमत में मंगलवार को ₹2,817 प्रति 10 ग्राम की गिरावट दर्ज की गई।
सोने का ताजा भाव
- पहले: ₹1.45 लाख प्रति 10 ग्राम
- अब: ₹1.42 लाख प्रति 10 ग्राम
जून महीने की शुरुआत से अब तक सोना करीब ₹14,285 प्रति 10 ग्राम सस्ता हो चुका है।
जून में कितना टूटा बाजार?
1 जून 2026 के मुकाबले
सोना
- 1 जून: ₹1.56 लाख प्रति 10 ग्राम
- वर्तमान: ₹1.42 लाख प्रति 10 ग्राम
- कुल गिरावट: ₹14,285
चांदी
- 1 जून: ₹2.63 लाख प्रति किलो
- वर्तमान: ₹2.22 लाख प्रति किलो
- कुल गिरावट: ₹41,315
साल की शुरुआत से अब तक का सफर
सोने और चांदी दोनों ने इस साल रिकॉर्ड ऊंचाइयां भी देखीं और अब तेज गिरावट भी दर्ज की है।
सोना
- 31 दिसंबर 2025: ₹1.33 लाख प्रति 10 ग्राम
- 29 जनवरी 2026: ₹1.76 लाख (ऑल टाइम हाई)
- वर्तमान: ₹1.42 लाख
रिकॉर्ड स्तर से अब तक गिरावट: ₹34,000
चांदी
- 31 दिसंबर 2025: ₹2.30 लाख प्रति किलो
- 29 जनवरी 2026: ₹3.86 लाख प्रति किलो (रिकॉर्ड हाई)
- वर्तमान: ₹2.22 लाख प्रति किलो
रिकॉर्ड स्तर से अब तक गिरावट: ₹1.64 लाख प्रति किलो
निवेशकों के लिए क्या संकेत?
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों, डॉलर इंडेक्स में उतार-चढ़ाव और अंतरराष्ट्रीय मांग में कमी के कारण कीमती धातुओं की कीमतों में दबाव बना हुआ है। हालांकि लंबी अवधि के निवेशकों के लिए यह गिरावट खरीदारी का अवसर भी बन सकती है।

