Saturday, November 7, 2026
Contact: +91 97559 93555
Email: tathyawani@gmail.com
spot_img
Hometrending newsकच्चा तेल फिर 72 डॉलर पर, लेकिन पेट्रोल-डीजल पर अभी नहीं मिलेगी...

कच्चा तेल फिर 72 डॉलर पर, लेकिन पेट्रोल-डीजल पर अभी नहीं मिलेगी राहत! जानिए क्या वजह ?

नई दिल्ली। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। ईरान और अमेरिका के बीच तनाव कम होने के बाद ब्रेंट क्रूड ऑयल फिर 72 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर पहुंच गया है। यह वही कीमत है, जिस पर वैश्विक बाजार युद्ध जैसे हालात बनने से पहले कारोबार कर रहा था। हालांकि, कच्चा तेल सस्ता होने के बावजूद देशभर के करोड़ों उपभोक्ताओं को फिलहाल पेट्रोल और डीजल की कीमतों में राहत मिलने की संभावना नहीं है।

ईरान-अमेरिका समझौते के बाद सुधरा तेल बाजार

बीते दिनों ईरान से जुड़े तनाव और पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक संकट के कारण कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल आया था। लेकिन हाल ही में अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत के बाद हालात सामान्य होने लगे हैं। ईरानी तेल निर्यात पर कुछ प्रतिबंधों में ढील मिलने के बाद वैश्विक सप्लाई बेहतर हुई और होर्मुज जलडमरूमध्य से तेल टैंकरों की आवाजाही भी तेज हो गई। इसी का असर अंतरराष्ट्रीय बाजार पर दिखा और ब्रेंट क्रूड की कीमतें गिरकर फिर 72 डॉलर प्रति बैरल के आसपास पहुंच गईं।

पेट्रोल-डीजल सस्ता क्यों नहीं होगा?

यही सवाल हर आम उपभोक्ता के मन में है कि जब कच्चा तेल सस्ता हो गया है तो पेट्रोल और डीजल के दाम तुरंत क्यों नहीं घट रहे?

इसकी सबसे बड़ी वजह यह है कि भारतीय रिफाइनरियां अभी उसी कच्चे तेल से पेट्रोल और डीजल तैयार कर रही हैं, जिसे कुछ सप्ताह पहले 110 से 125 डॉलर प्रति बैरल की ऊंची कीमत पर खरीदा गया था। यानी मौजूदा समय में जो ईंधन पेट्रोल पंपों पर बिक रहा है, वह महंगे कच्चे तेल से तैयार हुआ है।

75 से 80 दिन बाद दिखेगा असर

ऊर्जा विशेषज्ञों के अनुसार, कच्चे तेल को खरीदने, जहाजों के जरिए भारत लाने, रिफाइनरी में प्रोसेस करने और फिर पेट्रोल पंपों तक पहुंचाने में करीब 75 से 80 दिन का समय लगता है। यानी आज जो सस्ता कच्चा तेल खरीदा जा रहा है, उससे तैयार पेट्रोल और डीजल बाजार में आने में करीब ढाई महीने का समय लगेगा।

पहले नुकसान की भरपाई करेंगी तेल कंपनियां

विशेषज्ञों का कहना है कि ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने पहले महंगे दाम पर कच्चा तेल खरीदा था, जिससे उन्हें अतिरिक्त लागत का सामना करना पड़ा। ऐसे में कंपनियां पहले उस नुकसान की भरपाई करेंगी। इसके बाद ही पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कटौती पर विचार किया जा सकता है।

आम जनता को क्या करना चाहिए?

फिलहाल उपभोक्ताओं को ईंधन की कीमतों में तत्काल राहत मिलने की उम्मीद नहीं करनी चाहिए। लेकिन अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आई गिरावट भविष्य के लिए सकारात्मक संकेत जरूर मानी जा रही है। यदि यही रुख जारी रहा तो आने वाले महीनों में महंगाई पर भी इसका असर देखने को मिल सकता है। 

RELATED ARTICLES

ई-पेपर

1 to 7 November 2026
25 to 31 October 2026

शासकीय निविदाएं

विज्ञापन