नई दिल्ली: देश की राजधानी नई दिल्ली स्थित पूसा परिसर में भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) के ’98वें स्थापना दिवस’ के अवसर पर केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने राज्यमंत्री रामनाथ ठाकुर एवं भागीरथ चौधरी, कृषि वैज्ञानिकों तथा वरिष्ठ अधिकारियों के साथ पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। उन्होंने सभी नागरिकों से अधिक से अधिक पौधे लगाने का आह्वान करते हुए भावी पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य के लिए प्रकृति संरक्षण का संकल्प लेने की अपील की।
स्थापना दिवस समारोह को संबोधित करते हुए शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि ICAR देश का गौरव है। कृषि वैज्ञानिकों की वर्षों की मेहनत और अनुसंधान ने भारतीय कृषि को नई दिशा दी है तथा किसानों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने संस्था की उपलब्धियों की सराहना करते हुए कहा कि यह गौरवशाली यात्रा आने वाले वर्षों में भी नए कीर्तिमान स्थापित करती रहे।
उन्होंने कहा कि 98वां स्थापना दिवस केवल उपलब्धियों का उत्सव नहीं, बल्कि नए संकल्पों का भी अवसर है। ICAR अपने 100वें स्थापना वर्ष की ओर अग्रसर है और इस दौरान कृषि अनुसंधान को किसानों की आवश्यकताओं से जोड़ने के लिए कई महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किए गए हैं।

इसी क्रम में उन्होंने कई महत्वपूर्ण संकल्पों की घोषणा की, जिनमें 100 क्लाइमेट स्मार्ट विलेज विकसित करना, 100 यंग साइंटिस्ट ग्रांट चैलेंज शुरू करना, ‘वन इंस्टीट्यूट, वन ग्रैंड इनोवेशन’ की अवधारणा को लागू करना, प्रत्येक ICAR संस्थान द्वारा एक आकांक्षी जिले को गोद लेना, कृषि विज्ञान केंद्रों (KVK) को इनोवेशन एवं टेक्नोलॉजी सेंटर के रूप में विकसित करना, ICAR ओपन डिजिटल नॉलेज प्लेटफॉर्म की स्थापना तथा 100वें स्थापना वर्ष तक 10 करोड़ किसानों तक वैज्ञानिक तकनीकों और आधुनिक कृषि समाधानों की पहुंच सुनिश्चित करना शामिल है।
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शिवराज सिंह चौहान ने जोर देते हुए कहा कि स्थापना दिवस, संकल्प दिवस है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कृषि अनुसंधान का उद्देश्य केवल शोध पत्र प्रकाशित करना नहीं होना चाहिए, बल्कि ऐसा अनुसंधान होना चाहिए जो किसानों की वास्तविक समस्याओं का समाधान करे, धरती को सुरक्षित बनाए और देश की कृषि को अधिक समृद्ध बनाए। उन्होंने कहा कि डिमांड-ड्रिवेन रिसर्च ही भविष्य की प्राथमिकता होनी चाहिए, ताकि वैज्ञानिक नवाचार सीधे खेतों तक पहुंचकर किसानों की आय और उत्पादकता बढ़ा सकें।
अपने संबोधन के अंत में उन्होंने कहा कि ICAR ने अब तक अनेक उपलब्धियां हासिल की हैं, लेकिन अभी भी बहुत काम किया जाना बाकी है। इसलिए 98वें स्थापना दिवस पर उपलब्धियों पर गर्व करने के साथ-साथ नए संकल्प लेकर उन्हें समयबद्ध रूप से पूरा करने की दिशा में आगे बढ़ना ही संस्था और देश के कृषि क्षेत्र के उज्ज्वल भविष्य का आधार बनेगा।

