नई दिल्ली : NEET परीक्षा विवाद और छात्रों के आंदोलन के बीच बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम सामने आया है। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा से मुलाकात कर सरकार को चार सूत्रीय मांगपत्र सौंपा। पार्टी की ओर से प्रवक्ता सौरभ दास और आशुतोष रांका ने बातचीत में हिस्सा लिया।
बता दें CJP का दावा है कि सरकार की ओर से बातचीत के लिए बुलाया गया था। प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि यदि सरकार उनकी प्रमुख मांगों पर सकारात्मक फैसला लेती है तो संगठन अपने चल रहे आंदोलन और विरोध प्रदर्शन को वापस लेने पर विचार करेगा। यह मुलाकात ऐसे समय हुई है जब दिल्ली में प्रदर्शन को लेकर लगातार तनाव का माहौल बना हुआ है और संसद से लेकर सड़कों तक इस मुद्दे की गूंज सुनाई दे रही है।
CJP की सरकार के सामने 4 प्रमुख मांगें
- सोनम वांगचुक को अस्पताल से रिहा किया जाए और उनकी आवाजाही पर किसी भी प्रकार की पाबंदी न लगाई जाए।
- केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से इस्तीफा लिया जाए, ताकि परीक्षा विवाद की निष्पक्ष जवाबदेही तय हो सके।
- NEET परीक्षा से जुड़े उन अभ्यर्थियों के परिवारों को ₹1 करोड़ का मुआवजा दिया जाए, जिन्होंने कथित रूप से परीक्षा विवाद के बाद आत्महत्या की।
- दिल्ली पुलिस छात्रों पर बल प्रयोग और कार्रवाई तत्काल बंद करे तथा शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वालों के साथ सख्ती न बरती जाए।
वहीं CJP का कहना है कि यह आंदोलन केवल एक परीक्षा का मुद्दा नहीं, बल्कि देशभर के छात्रों के भविष्य और शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता की लड़ाई है। पार्टी ने स्पष्ट किया कि सरकार की ओर से ठोस कदम उठाए जाने पर ही आंदोलन की अगली रणनीति तय की जाएगी। अब सभी की नजर इस बात पर है कि सरकार इन मांगों पर क्या रुख अपनाती है और क्या बातचीत के जरिए इस विवाद का समाधान निकल पाएगा।

