हरियाणा /नई दिल्ली: दिल्ली कूच की घोषणा के बीच हरियाणा में सुरक्षा व्यवस्था अभूतपूर्व स्तर पर पहुंच गई है। किसानों के प्रस्तावित मार्च और कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संसद घेराव कार्यक्रम को देखते हुए हरियाणा सरकार और पुलिस प्रशासन ने दिल्ली, पंजाब और उत्तर प्रदेश से लगने वाले कई बॉर्डरों पर बैरिकेडिंग कर आवाजाही पर कड़ी निगरानी शुरू कर दी है।
बता दें रोहतक, सोनीपत, अंबाला, करनाल, कुरुक्षेत्र, झज्जर, पानीपत समेत करीब 12 जिलों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। कई किसान नेताओं और CJP समर्थकों को एहतियातन हाउस अरेस्ट या हिरासत में लिया गया है, ताकि बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी दिल्ली न पहुंच सकें। अंबाला के शंभू बॉर्डर पर धारा 163 लागू कर पांच या उससे अधिक लोगों के एकत्र होने पर रोक लगा दी गई है, जो 27 जुलाई 2026 तक प्रभावी रहेगी।
4 किलोमीटर लगा लंबा जाम
सुरक्षा जांच के कारण कुंडली-सिंघु बॉर्डर पर करीब 4 किलोमीटर लंबा जाम लग गया, जहां हर वाहन की गहन जांच के बाद ही दिल्ली में प्रवेश दिया जा रहा है। कुरुक्षेत्र में दिल्ली जा रहे किसानों से भरी एक निजी बस को पुलिस ने रोककर करीब 30 किसानों को हिरासत में लिया, जबकि हिसार और बहादुरगढ़-द्वारका मार्ग पर भी कड़ी चेकिंग जारी है।
ट्रेड डील बना आंदोलन का बड़ा मुद्दा
दूसरी ओर, अमेरिका-भारत फ्री ट्रेड डील को लेकर किसान संगठनों ने देशव्यापी महापंचायत का आह्वान किया है। किसान नेताओं का कहना है कि जल्द ही केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के साथ बातचीत का दौर शुरू हो सकता है, जिसमें ट्रेड डील और किसानों की अन्य मांगों पर चर्चा होगी। इसी बीच महेंद्रगढ़ में छात्रों के प्रदर्शन के बाद स्कूल प्राचार्य के निलंबन और 13 महीने बाद खुले शंभू बॉर्डर को फिर से बंद किए जाने से आंदोलन ने नया राजनीतिक और प्रशासनिक मोड़ ले लिया है।

