तेहरान/वाशिंगटन। अमेरिका और ईरान के बीच जारी सैन्य संघर्ष लगातार गंभीर होता जा रहा है। बुधवार तड़के अमेरिका ने ईरान के पांच शहरों पर एक साथ एयर और मिसाइल स्ट्राइक की। ईरानी अधिकारियों के अनुसार, चाबहार, कोनारक, तबरीज, बेहबहान और ओमीदियेह को निशाना बनाया गया।
सीजफायर टूटने के बाद यह लगातार 11वीं रात है, जब अमेरिका ने ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई की है। हमलों के बाद दोनों देशों के बीच तनाव और बढ़ गया है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान के कथित परमाणु ठिकाने ‘पिकऐक्स माउंटेन’ पर जल्द और बड़े हमले की चेतावनी दी है। ट्रम्प ने कहा कि अमेरिका इस ठिकाने को निशाना बनाने के लिए “बहुत जल्द और बहुत भारी” कार्रवाई कर सकता है।
वहीं ईरान ने चेतावनी दी है कि अगर अमेरिकी हमले जारी रहे तो वह संघर्ष का दायरा बढ़ा सकता है और क्षेत्र में जवाबी कार्रवाई तेज कर सकता है।
पिछले 24 घंटे के 5 बड़े घटनाक्रम
1. भारत-चीन के तेल टैंकरों ने बदला रास्ता
हूती विद्रोहियों की धमकी के बाद सऊदी अरब से कच्चा तेल लेकर भारत और चीन जा रहे दो टैंकरों ने रेड सी में अपना रास्ता बदल लिया। दोनों टैंकर यू-टर्न लेकर स्वेज नहर की ओर लौट गए।
2. ईरानी हमलों में 100 अमेरिकी सैनिक घायल
पेंटागन ने स्वीकार किया है कि 7 जुलाई के बाद ईरानी हमलों में करीब 100 अमेरिकी सैनिक घायल हुए हैं। इनमें से ज्यादातर सैनिक इलाज के बाद दोबारा ड्यूटी पर लौट चुके हैं।
3. कतर ने ईरान से मांगा मुआवजा
कतर ने संयुक्त राष्ट्र और सुरक्षा परिषद को पत्र भेजकर ईरान को हालिया हमलों से हुए नुकसान के लिए जिम्मेदार ठहराया है। कतर ने नुकसान की भरपाई की मांग की है।
4. ट्रम्प ने जॉर्डन हमले को माना सफल
डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा कि जॉर्डन में ईरान की ओर से किया गया एक हमला सफल रहा था। इस हमले में दो अमेरिकी सैनिकों की मौत हुई थी।
5. ईरानी गृह मंत्री पाकिस्तान पहुंचे
ईरान के गृह मंत्री एस्कंदर मोमेनी पाकिस्तान पहुंचे और सेना प्रमुख आसिम मुनीर से मुलाकात की। इसके बाद उन्होंने प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ से भी बातचीत की।
अमेरिका-सऊदी परमाणु समझौते को मंजूरी
अमेरिका ने सऊदी अरब के साथ परमाणु ऊर्जा सहयोग समझौते को मंजूरी दे दी है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, करीब 30 साल के इस समझौते के तहत अमेरिका सऊदी अरब को परमाणु तकनीक उपलब्ध कराएगा।
समझौते के तहत अमेरिकी कंपनियां सऊदी अरब के नागरिक परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम में भाग लेंगी। भविष्य में सऊदी में यूरेनियम संवर्धन सुविधा स्थापित करने की संभावनाओं पर भी चर्चा हो रही है।
इस समझौते को अमेरिकी कांग्रेस में ‘123 एग्रीमेंट’ के रूप में पेश किया जाएगा।
ईरान युद्ध में अमेरिका का खर्च 3.6 लाख करोड़ रुपये पार
अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने बताया कि ईरान के साथ जारी संघर्ष में अब तक अमेरिका करीब 37.5 अरब डॉलर (लगभग 3.6 लाख करोड़ रुपये) खर्च कर चुका है।
पेंटागन ने अतिरिक्त सैन्य जरूरतों के लिए 87 अरब डॉलर (करीब 8.3 लाख करोड़ रुपये) की मांग की है। इसमें से बड़ी राशि मध्य-पूर्व में चल रहे सैन्य अभियानों पर खर्च की जाएगी।
हेगसेथ ने कहा कि अतिरिक्त बजट नहीं मिलने पर सैनिकों के वेतन, प्रशिक्षण, हथियारों और सैन्य अभियानों पर असर पड़ सकता है।
ट्रम्प की परमाणु ठिकाने पर हमले की चेतावनी
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने ईरान के भूमिगत परमाणु ठिकाने पिकऐक्स माउंटेन को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने कहा कि अमेरिकी सेना जल्द ही इस इलाके पर बड़ा हमला कर सकती है।
इस बयान के बाद पश्चिम एशिया में तनाव और बढ़ गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि परमाणु ठिकानों पर हमला हुआ तो संघर्ष क्षेत्रीय युद्ध का रूप ले सकता है।

