नई दिल्ली: संसद के मानसून सत्र का तीसरा दिन भी भारी हंगामे की भेंट चढ़ गया। NEET पेपर लीक, छात्रों के आंदोलन और संसद मार्च के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर विपक्ष ने केंद्र सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने साफ कहा कि जब तक केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं देते, तब तक इस मुद्दे पर सदन में चर्चा का कोई मतलब नहीं है।
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हंगामे के बीच लोकसभा गुरुवार तक स्थगित, राज्यसभा की कार्यवाही भी बार-बार बाधित
विपक्ष ने सरकार पर जवाबदेही से बचने का आरोप लगाया, जबकि सत्ता पक्ष ने कहा कि सरकार पहले दिन से ही चर्चा के लिए तैयार है, लेकिन विपक्ष बहस से बच रहा है। लगातार नारेबाजी और गतिरोध के बीच लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही गुरुवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।
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इस बीच कांग्रेस नेता राहुल गांधी समेत कई विपक्षी सांसद काले कपड़े पहनकर संसद पहुंचे और छात्र आंदोलन के समर्थन में अपना विरोध दर्ज कराया। विपक्ष का कहना है कि संसद मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों पर हुई पुलिस कार्रवाई और पेपर लीक जैसे गंभीर मुद्दों पर सरकार को जवाब देना चाहिए।
वहीं संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू ने लोकसभा में कहा कि सरकार लगातार चर्चा के लिए तैयार है, लेकिन विपक्ष केवल राजनीतिक माहौल बनाने की कोशिश कर रहा है। संसद के बाहर भी इस मुद्दे पर सियासी बयानबाजी तेज रही और आने वाले दिनों में इस टकराव के और बढ़ने के संकेत मिल रहे हैं।

