नई दिल्ली: मानसून सत्र के तीसरे दिन संसद की कार्यवाही हंगामे के बीच दोपहर 12 बजे तक स्थगित रही, लेकिन इसी बीच संसद भवन में हुई एक अहम राजनीतिक मुलाकात ने सियासी हलकों में नई चर्चाओं को जन्म दे दिया। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट) के राष्ट्रीय अध्यक्ष शरद पवार और बारामती से सांसद सुप्रिया सुले ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की।
बता दें इस बैठक के बाद राजनीतिक गलियारों में अलग-अलग तरह के कयास लगाए जाने लगे। हालांकि मुलाकात के एजेंडे को लेकर किसी भी पक्ष की ओर से आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है, लेकिन समय और राजनीतिक परिस्थितियों को देखते हुए इस बैठक ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

गौरतलब है कि हाल ही में शरद पवार और सुप्रिया सुले दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे छात्र आंदोलन और कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शन स्थल पर पहुंचे थे। उन्होंने प्रदर्शनकारियों का समर्थन करते हुए पुलिस कार्रवाई की आलोचना की थी और सरकार से छात्रों की मांगों पर संवेदनशीलता के साथ विचार करने की अपील की थी। NCP (SP) ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग का भी समर्थन किया था। शरद पवार ने कहा था कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में शांतिपूर्ण प्रदर्शन नागरिकों का अधिकार है और सरकार को दमन की बजाय संवाद का रास्ता अपनाना चाहिए।
NDA में शामिल होने की अटकलों पर NCP(SP) ने फिर दी सफाई
वहीं प्रधानमंत्री से मुलाकात ऐसे समय हुई है जब पिछले कुछ दिनों से शरद पवार गुट के NDA में शामिल होने या किसी बड़े राजनीतिक समीकरण की चर्चाएं तेज हैं। हालांकि, सुप्रिया सुले पहले ही इन अटकलों को सिरे से खारिज कर चुकी हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा था कि पार्टी के किसी भी वरिष्ठ नेता को न तो भाजपा, न कांग्रेस और न ही NDA के किसी सहयोगी दल की ओर से कोई प्रस्ताव मिला है। उन्होंने कहा कि इस तरह की खबरों का वास्तविकता से कोई संबंध नहीं है।

दरअसल, मुंबई में NCP नेताओं, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और अन्य नेताओं की एक बैठक के बाद राजनीतिक अटकलों ने जोर पकड़ा था। लेकिन NCP (SP) ने साफ किया कि वह बैठक केवल प्रशासनिक और विकास संबंधी विषयों पर केंद्रित थी, उसका किसी राजनीतिक गठबंधन या दल-बदल से कोई लेना-देना नहीं था। इसके बावजूद प्रधानमंत्री मोदी और शरद पवार की मुलाकात ने राजनीतिक हलकों में चर्चाओं का दौर फिर तेज कर दिया है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि आने वाले दिनों में इस मुलाकात का कोई राजनीतिक असर देखने को मिलता है या नहीं।

